June 24, 2026
National

यूपी : ब्रजेश पाठक का अखिलेश पर पलटवार, बोले-संवाद से डरते हैं झूठ के सौदागर लखनऊ,

UP: Brajesh Pathak hits back at Akhilesh, says, “Merchants of lies are afraid of dialogue.” Lucknow.

समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के ‘स्वास्थ्य मंत्री से पत्रकार बने’ वाले बयान पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने पत्रकारिता और संवाद की परंपरा का हवाला देते हुए कहा कि पत्रकारों को ‘खलिहर’ बताना मेहनतकश समाज और मीडिया जगत का अपमान है। ब्रजेश पाठक ने कहा कि संवाद और साक्षात्कार भारतीय लोकतंत्र की सनातन परंपरा है और झूठ के सौदागर हमेशा सच्चाई और संवाद से डरते हैं।

दरअसल, सपा मुखिया अखिलेश यादव ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और मंत्री नरेंद्र कश्यप की बातचीत पर चुटकी लेते हुए कहा था, “जो स्वास्थ्य मंत्री के रूप में साबित हो गए बेकार, अब वो बन गए पत्रकार, क्योंकि समय बिताने के लिए करना है कुछ काम, सरकार, संगठन, दल में तो पहले ही हुए नाकाम।

प्रदेश की जनता बिन-बिजली गर्मी-बीमारी में तड़प रही है और भाजपाई मंत्री ‘इंटरव्यू-इंटरव्यू’ खेलकर गर्मी की छुट्टियां मना रहे हैं। फिर डपट पड़ेगी डिप्टी को। बेहद बचकाना।” उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए लिखा, ”एकात्म मानववाद, अंत्योदय के प्रणेता स्व. पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी, तत्कालीन जनसंघ अध्यक्ष स्व. पीतांबर दास जी, भारत रत्न, शिक्षाविद, राष्ट्र ऋषि स्व. नानाजी देशमुख जी एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, महान विचारक स्व. डॉ. राममनोहर लोहिया जी का संवाद करते हुए ऐतिहासिक पल। पत्रकार होना गर्व की बात है l

मैं तो लघु व्यक्ति और साधारण सामाजिक – राजनीतिक कार्यकर्ता हूं लेकिन हमारा गौरवशाली इतिहास साक्षी है कि जितने महान जननेता हुए हैं, लगभग सभी पत्रकार रहे हैं l” उन्होंने आगे लिखा, “पंडित दीनदयाल जी मासिक पत्रिका राष्ट्रधर्म निकालते थे l लोहिया जी हिंदी मासिक पत्रिका जन और अंग्रेजी मासिक पत्रिका मैनकाइंड के संपादक थे।

संवाद और साक्षात्कार करना हमारी सनातन परम्परा है, वादे वादे जायते तत्वबोध। लोकनायक जयप्रकाश जी ने कहा था कि तानाशाह ही संवाद के विरोधी होते हैं। हमारे पत्रकार भाई और बहन हमारे समाज के कर्मयोगी हैं। उन्हें खलिहर बताना सभी पत्रकारों और मेहनतकशों का अपमान है। एक सार्थक साक्षात्कार में कितनी मेधा और मेहनत लगती है, ये हमारे पत्रकार साथियों से पूछिए। जो युवराज होंगे, उन्हें मेहनतकश बुरे लगेंगे।

जो झूठ के सौदागर होंगे, उन्हें संवाद बुरा लगेगा।” ब्रजेश पाठक ने कहा कि समझ से परे है कि कुछ लोग संवाद और सच्चाई से इतना डरते क्यों हैं? एक स्वास्थ्य मंत्री के रूप में यथासंभव लोक स्वास्थ्य को बेहतर कर रहा हूं और एक राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में संवाद चलाकर अपने लोक कर्त्तव्य को निभा रहा हूंl उन्हें मिर्ची लगे तो मैं क्या करूं? ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने नई पहल करते हुए एक वीडियो जारी किया है। जिसमें वह पिछड़ा वर्ग के मंत्री नरेंद्र कश्यप से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। इसमें उन्होंने सपा के शासन और भाजपा सरकार की तुलना कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पीडीए पर निशाना साधा। –आईएएनएस विकेटी/एसके

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