June 8, 2026
National

लद्दाख से एयरलिफ्ट किए गए पांच व्यक्ति, सेना के तीन जवान भी शामिल

Five people, including three Army personnel, airlifted from Ladakh

वायुसेना ने एक महत्वपूर्ण मेडिकल इमरजेंसी अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। इस दौरान लद्दाख के कठिन पहाड़ी इलाके से पांच गंभीर रूप से बीमार मरीजों को चंडीगढ़ पहुंचाया। रेसक्यू किए गए व्यक्तियों में भारतीय सेना के तीन जवान भी शामिल हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम के बावजूद वायुसेना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मरीजों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की।

भारतीय वायुसेना ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि लद्दाख से एयरलिफ्ट किए गए पांच मरीजों में भारतीय सेना के तीन जवान, उनका एक आश्रित सदस्य, तथा लद्दाख का एक स्थानीय निवासी शामिल था। सभी मरीजों की स्थिति गंभीर थी और उन्हें तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की आवश्यकता थी।

इस अभियान के लिए भारतीय वायुसेना ने अपने सी-17 और एएन-32 परिवहन विमानों का उपयोग किया। ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों, सीमित संसाधनों और खराब मौसम जैसी चुनौतियों के बावजूद दोनों विमानों के चालक दल ने मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया और मरीजों को समय पर चंडीगढ़ पहुंचाया।

वायुसेना के पश्चिमी वायु कमान ने बताया कि यह अभियान आपात परिस्थितियों में जीवन बचाने के प्रति भारतीय वायुसेना की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सेना के जवानों, उनके परिजनों और आम नागरिकों तक को आवश्यकता पड़ने पर त्वरित सहायता उपलब्ध कराना वायुसेना की प्राथमिकताओं में शामिल है।

वर्ष 2026 में केवल लद्दाख सेक्टर में ही भारतीय वायुसेना के कैजुअल्टी इवैक्यूएशन अभियानों के माध्यम से अब तक 143 लोगों की जान बचाई जा चुकी है। यह आंकड़ा दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में वायुसेना की मानवीय सेवाओं तथा तत्परता का प्रमाण है। इस अभियान की सफलता के साथ ही भारतीय वायुसेना ने कहा कि हर जीवन महत्वपूर्ण है और हर आपातकालीन पुकार का जवाब देना उसका कर्तव्य है। यही भावना ऐसे चुनौतीपूर्ण अभियानों को सफल बनाने की प्रेरणा देती है।

गौरतलब है कि कुछ महीने पहले लद्दाख की बर्फ से ढकी खतरनाक चोटियों और दो विदेशी नागरिकों के फंसने का एक गंभीर मामला सामने आया था। यहां दो कोरियाई नागरिक 17,000 फीट से अधिक ऊंचाई वाली चोटी पर मौजूद थे। सेना को इस घटना का पता लगने पर बिना देरी किए रात के अंधेरे में ही एक अत्यंत संवेदनशील व साहसिक ऑपरेशन चलाया गया। यह अभियान भारतीय सेना की फायर एंड फ्यूरी कोर की आर्मी एविएशन यूनिट द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न किया गया था। कड़ी मेहनत के बाद दोनों विदेशी नागरिकों को बचा लिया गया था।

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