अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 54 साल के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो राजस्थान में 2002 में दर्ज हत्या के एक मामले में 24 साल से फरार था। उसे वेजलपुर इलाके से पकड़ा गया, जहां वह कथित तौर पर अपनी असली पहचान छिपाकर रह रहा था और इन सालों में उसने कई बार अपना घर बदला था।
आरोपी की पहचान दिनेश देसाई के तौर पर हुई है। वह राजस्थान के पाली जिले के सादरी पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले डुंगली गांव में दलाराम नाई की हत्या के मामले में वांछित था। पुलिस ने बताया कि हत्या के बाद देसाई पहले बनासकांठा जिले में अपने पैतृक गांव कांकरेज लौट आया था, लेकिन पुलिस के उसके घर पहुंचने के बाद वह वहां से भाग गया और अहमदाबाद आ गया।
क्राइम ब्रांच के अनुसार, दो रिश्तेदारों के बीच पुश्तैनी संपत्ति और कारोबार को लेकर हुए विवाद के कारण हत्या की साजिश रची गई थी। आरोपी और तीन अन्य लोग कथित तौर पर अहमदाबाद से पाली एक चार-पहिया वाहन में गए थे और उन्होंने जान-बूझकर उस मोटरसाइकिल को टक्कर मारी जिस पर दलाराम नाई सवार थे। यह घटना शरद डुंगली के पास बेरा तिलावानी में हुई थी।
इस घटना में पीड़ित की मौत हो गई, जबकि आरोपी ने कार को मौके पर ही छोड़ दिया और भाग गया। उसने ऐसा इसलिए किया ताकि मौत को एक दुर्घटना का रूप दिया जा सके। पुलिस की जांच और पहले की गई शिकायत के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया गया।
यह मामला सदरी पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 302, 120(बी), 481 और 308 के तहत दर्ज किया गया। क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर एपी जेबलिया ने बताया कि उनकी यूनिट गुजरात और राज्य के बाहर लंबे समय से लंबित मामलों में वांछित आरोपियों की तलाश कर रही थी।
जेबलिया ने कहा कि इस दौरान, हमारे पीएसआई एबी देसाई को जानकारी मिली कि राजस्थान के पाली जिले में सदरी पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में डुंगली गांव आता है। वहां 2002 में एक हत्या हुई थी और उस मामले का आरोपी अहमदाबाद के वेजलपुर में रह रहा था। उन्होंने बताया कि आरोपी ने शुरुआत में अपनी पहचान छिपाकर सतेज इलाके में अलग-अलग जगहों पर मजदूर के तौर पर काम किया।
बाद में वह वेजलपुर चला गया, जहां वह लगभग पांच-छह घरों में रहने के बाद रेडियो मिर्ची रोड पर सागर सम्राट अपार्टमेंट में अपने परिवार के साथ रहने लगा। पुलिस ने आरोपी के बारे में जानकारी जुटाने, उसकी पहचान पक्की करने और उसका मौजूदा ठिकाना पता लगाने के लिए मुखबिरों और तकनीकी जांच का सहारा लिया।
जेबलिया ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। उनमें से एक, रमेश नाई, देसाई का रिश्तेदार था और कथित तौर पर उस संपत्ति विवाद में शामिल था जिसके कारण हत्या हुई थी। उन्होंने कहा कि उनके बीच प्रॉपर्टी को लेकर पारिवारिक झगड़ा था, जिसके कारण उन्होंने हत्या करने का फैसला किया। जब उसको मोटरसाइकिल से जा रहा था, तो उन्होंने पीछे से टाटा सूमो से उसे टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
क्राइम ब्रांच ने कहा कि आगे की जांच उन जगहों पर केंद्रित होगी जहां देसाई 24 साल तक फरार रहने के दौरान रहा था और क्या किसी ने उसकी पहचान छिपाने में उसकी मदद की थी। जेबालिया ने कहा कि अब हम इस बात की आगे जांच करेंगे कि यह आरोपी कहां छिपा हुआ था और किसने उसकी मदद की थी। हम उसे राजस्थान पुलिस को सौंप देंगे।

