भाजपा विधायक अल्पेश ठाकोर ने बताया कि पिछले कई वर्षों से वे अपने संगठन ‘गुजरात क्षत्रिय ठाकोर सेना’ के माध्यम से समाज के उत्थान के लिए काम कर रहे हैं। इस संगठन की विचारधारा हमेशा समाज के विकास और एकता पर केंद्रित रही है। संगठन ने रोजगार, शिक्षा और सामाजिक एकता के मुद्दों पर लगातार काम किया है। साथ ही शराब पाबंदी जैसी सामाजिक गतिविधियों में भी संगठन सक्रिय रहा और दस साल की मेहनत के बाद इसमें बड़ी सफलता मिली।
अल्पेश ठाकोर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि अब संगठन ने शिक्षा के क्षेत्र में खास पहल करने का निर्णय लिया है। इसके लिए उन्होंने शिक्षा के एक भवन का भूमि पूजन किया और इस मौके पर रात की सभा भी रखी। उन्होंने कहा कि अब हम सोए नहीं हैं, हम जागे हैं और शिक्षा की ओर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उनका कहना था कि संगठन की इस नई पहल का मकसद आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए काम करना है।
उन्होंने इतिहास का भी जिक्र किया और कहा कि जब देश आजाद हुआ, उस वक्त भी रात की सभा आयोजित की गई थी। उसके बाद जेपी आंदोलन (1974-1977) के दौरान भी समाज के गरीब, वंचित और पिछड़े वर्ग ने मिलकर अपनी आवाज उठाई थी। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आज संगठन ने शिक्षा के भवन की नींव रखी। उनका कहना था कि यह सिर्फ एक भवन नहीं, बल्कि एक विचारधारा और समाज को जागृत करने का संदेश है।
अल्पेश ठाकोर ने यह भी बताया कि इस पहल में गुजरात के लोगों और मीडिया ने अच्छा समर्थन दिया। कई कम्युनिटी ने इस काम में हाथ बंटाया और इस प्रयास को सराहा। उन्होंने सभी का धन्यवाद किया और कहा कि अब उनका संगठन सिर्फ शराब मुक्त समाज ही नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी सक्रिय होकर आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत नींव रख रहा है।
अल्पेश ठाकोर के अनुसार, गुजरात क्षत्रिय ठाकोर सेना का उद्देश्य समाज को जागृत करना और उसे बेहतर दिशा देना है। अब संगठन ने शिक्षा के माध्यम से समाज में स्थायी बदलाव लाने का काम शुरू कर दिया है।

