गुजरात के अमरेली जिले के सावरकुंडला ग्रामीण पुलिस स्टेशन से जुड़े असिस्टेंट सब इंसपेक्टर को कथित तौर पर 5 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में एसीबी की ओर से गिरफ्तार किया गया। यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया था, जब एक शख्स एजेंसी पहुंचा और उसने यह आरोप लगाया कि उस पर दोबारा अवैध देशी शराब की दुकान शुरू करने का दबाव बनाया जा रहा है।
आरोपी की पहचान श्याम बगदा (39) के रूप में हुई है। वह वर्तमान में सावरकुंडला ग्रामीण पुलिस स्टेशन में एएसआई के पोस्ट पर तैनात है। अमरेली एसीबी की ओर से यह शिकायत मिलने के बाद गुरुवार को यह कार्रवाई शुरू की गई। एसीबी के मुताबिक, अवैध देसी शराब बेचने को लेकर पहले भी शिकायत मिली थी। बाद में इस तरह की गतिविधियां रोक दी गई थी।
एएसआई ने कथित तौर पर उस पर अवैध शराब की दुकान शुरू करने का दबाव बनाया और धमकाते हुए कहा कि अगर उसने ऐसा करने से मना किया, तो उसे झूठे मामलों में फंसा दिया जाएगा। एसीबी के मुताबिक, अधिकारी ने शिकायतकर्ता से शराब की दुकान शुरू करने के एवज में 19 हजार रुपये रिश्वत के रूप में मांगे थे। हालांकि, बातचीत के बाद इस रकम को कम करके 5 हजार कर दिया गया।
हालांकि, शिकायतकर्ता की बिल्कुल भी इच्छा नहीं थी कि वो किसी पुलिसकर्मी को रिश्वत दे। इसके बाद शिकायतकर्ता ने एसीबी के टोल फ्री नंबर 1064 पर संपर्क किया। इसके बाद अमरेली पुलिस थाने में इस मामले में शिकायत भी दर्ज की गई। शिकायत मिलने के बाद एसीबी की ओर से यह कार्रवाई शुरू की गई। कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर आरोपी ने शिकायतकर्ता से 5 हजार रुपये मांगे थे, जिसे उसने बाद में प्राप्त भी किया था।
एसीबी अधिकारियों ने उस अधिकारी को रिश्वत लेते समय ही पकड़ लिया। यह कार्रवाई अमरेली जिले के सावरकुंडला तालुका के ओलिय गांव की सीमा के भीतर नेसदी की ओर जाने वाली एक कच्ची सड़क पर जावरभाई पटेल के खेत के प्रवेश द्वार द्वार पर की गई। एसीबी के मुताबिक, आरोपी ने जो 5 हजार रुपये लिए थे, उसे वापस पीड़ित को दे दिए गए। यह आरोप लगाया गया कि रिश्वत को प्राप्त करने में सरकारी पद का दुरुपयोग किया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई टीएस रिजवी के द्वारा शुरू की गई थी, जो अमरेली पुलिस थाने में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। इस कार्रवाई में उनके साथ एसीबी के अन्य अधिकारी भी शामिल थे।


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