पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने धर्मशाला में आयोजित लोक लेखा समिति (पीएसी) की बैठक के दौरान हिमाचल प्रदेश के लिए प्रमुख पर्यटन और अवसंरचना प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला।
उन्होंने स्वदेश दर्शन 2.0 कार्यक्रम के तहत प्रस्तावित चिंतपूर्णी मंदिर के पुनर्विकास सहित प्रमुख पर्यटन पहलों की समीक्षा की। ठाकुर ने समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर देते हुए क्षेत्र में पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करने और सांस्कृतिक एवं धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वित प्रयासों का आह्वान किया। अधिकारियों के साथ साहसिक पर्यटन की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई, जिसमें सतत विकास पर विशेष बल दिया गया।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और एनएचआईडीसीएल के साथ एक अलग बैठक में अनुराग ने राजमार्गों पर टोल लगाने, शुल्क संरचना और उपयोगकर्ता शुल्क को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने हाल ही में लागू किए गए राज्य सड़क कर से संबंधित मुद्दों को भी उठाया और स्पष्टता एवं संतुलित नियमन की मांग की।
इसके अलावा, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, डीजीसीए और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के साथ उड़ान परियोजना पर चर्चा के दौरान, अनुराग ने बेहतर हवाई संपर्क पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार और शिमला हवाई अड्डे पर परिचालन संबंधी चुनौतियों के समाधान की मांग की।

