September 19, 2026
National

हर्ष फायरिंग से महिला की मौत का मामला: अदालत ने भाजपा विधायक को सुनाई 4 साल की सजा

Harsh firing case of death of woman: Court sentenced BJP MLA to 4 years sentence

राजधानी दिल्ली में साल 2018 के न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान हुई हर्ष फायरिंग में महिला की मौत के मामले में दोषी ठहराए गए बिहार के भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह की चार साल की सजा सुनाई गई है।

राऊज एवेन्यू कोर्ट ने विधायक राजू कुमार सिंह को 25 लाख रुपए का मुआवजा पीडित परिवार को देने का आदेश भी दिया है। कोर्ट ने विधायक राजू कुमार सिंह को आईपीसी की धारा 304 पार्ट 2 और 30 आर्म्स एक्ट में दोषी ठहराया था। 31 दिसंबर 2018 को न्यू ईयर पार्टी के दौरान बिहार के विधायक राजू सिंह के दिल्ली के बसंत कुंज स्थित फार्महाउस पर गोली चलने से एक महिला डॉक्टर अर्चना गुप्ता की मौत हो गई थी।

इससे पहले राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सजा की अवधि (क्वांटम ऑफ सेंटेंस) पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

यह मामला 31 दिसंबर 2018 की रात का है, जब दिल्ली के वसंत कुंज स्थित एक फार्महाउस में नए साल का जश्न मनाया जा रहा था। आरोप है कि इसी दौरान लाइसेंसी पिस्तौल से की गई हर्ष फायरिंग की एक गोली वास्तुकार डॉ. अर्चना गुप्ता को लग गई। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद फतेहपुर बेरी थाने में मामला दर्ज हुआ और दिल्ली पुलिस ने जांच के दौरान राजू कुमार सिंह समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

पिछले महीने राउज एवेन्यू कोर्ट ने राजू कुमार सिंह को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया था। अदालत ने माना कि भीड़भाड़ वाली जगह पर लाइसेंसी पिस्तौल से फायर करना ऐसा कृत्य था, जिसमें मौत होने की आशंका का आरोपी को पूरा ज्ञान था। हालांकि, अदालत ने पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के आधार पर उनकी पत्नी रेनू सिंह और दो अन्य सह-आरोपियों राणा राजेश सिंह तथा रामेंद्र सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था।

शुक्रवार को सुनवाई के दौरान प्रोबेशन अधिकारी ने अदालत के समक्ष अपनी रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में बताया गया कि राजू कुमार सिंह के खिलाफ बिहार में हत्या का एक मामला भी दर्ज है, जिसमें उन्हें पटना हाई कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।

वहीं, विधायक की ओर से पेश वकील ने अदालत से नरमी बरतने की अपील की। बचाव पक्ष ने कहा कि राजू कुमार सिंह के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज जरूर हैं, लेकिन अब तक किसी भी मामले में उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया। वकील ने दलील दी कि अधिकतर मामले चुनाव के दौरान राजनीतिक विरोधियों की ओर से दर्ज कराए गए थे, जबकि कई मामलों में या तो वह बरी हो चुके हैं या फिर पुलिस ने चार्जशीट ही दाखिल नहीं की।

बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि मृतक डॉ. अर्चना गुप्ता उनके परिवार के लिए भाभी जैसी थीं। घटना के समय उनकी पत्नी भी डांस फ्लोर पर मौजूद थीं। वकील ने कहा कि यह घटना पूरे परिवार के लिए व्यक्तिगत त्रासदी थी। राजू कुमार सिंह करीब दो महीने जेल में भी रह चुके हैं और पूरे मुकदमे के दौरान उन्होंने कभी भी पीड़ित परिवार पर किसी तरह का दबाव बनाने या प्रभावित करने की कोशिश नहीं की।

Leave feedback about this

  • Service