हरियाणा की प्रगति उसके लोगों के स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। स्वस्थ हरियाणा, विकसित हरियाणा की नींव है,” मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यहां सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में सर्वोत्तम और अनुकरणीय प्रथाओं पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा।
राज्य में स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना को मजबूत करने के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों की संख्या 2014 में छह से बढ़कर वर्तमान में 17 हो गई है। उन्होंने आगे कहा कि नर्सिंग, फिजियोथेरेपी और पैरामेडिकल शिक्षा के विस्तार के साथ-साथ एमबीबीएस की सीटें भी 700 से बढ़कर 2,710 हो गई हैं।
उन्होंने कहा, “डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने प्रत्येक जिले में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का संकल्प लिया है।”
सैनी ने स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए सरकार की बढ़ी हुई वित्तीय प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “चालू वित्तीय वर्ष में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए लगभग 14,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 32.89% की वृद्धि दर्शाता है।” उन्होंने आगे कहा कि राज्य का स्वास्थ्य बजट 2014 में 2,646 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 10,500 करोड़ रुपये हो गया है, यानी लगभग 298% की वृद्धि।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस आयोजन को एक मील का पत्थर बताते हुए सैनी ने कहा कि इसने देश भर से नवोन्मेषी स्वास्थ्य देखभाल पद्धतियों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक मंच प्रदान किया। प्रमुख पहलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केयर कंपेनियन प्रोग्राम के तहत मरीजों के परिचारकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसके तहत 188 केंद्र पहले से ही कार्यरत हैं और व्हाट्सएप आधारित मोबाइल केयर सेवा के माध्यम से जुड़े हुए हैं।

