September 10, 2026
Entertainment

हेमा मालिनी ने ‘हनुमान अंश’ को बताया हनुमानजी का आशीर्वाद, बोलीं-‘आम लड़की ने बनाई ऐसी फिल्म, मैं भी देखना चाहती हूं’

Hema Malini describes ‘Hanuman Ansh’ as ​​a blessing from Lord Hanuman, says, “An ordinary girl has made such a film; I, too, want to watch it.”

भाजपा सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने फिल्म ‘हनुमान अंश’ की जबरदस्त सफलता पर खुशी जताई। मथुरा में नीम करौली बाबा और हनुमान जी से जुड़ी आस्था का जिक्र करते हुए हेमा ने कहा कि उन्हें इस बात की बहुत खुशी है कि बाबा पर बनी फिल्म सुपरहिट हो गई है। उन्होंने फिल्म की सफलता को हनुमान जी का आशीर्वाद बताया और कहा कि वह खुद भी इस फिल्म को देखने के लिए उत्सुक हैं।

हेमा मालिनी ने कहा, ”मथुरा में हनुमान जी और नीम करोली बाबा का मंदिर है। मैं हमेशा यहां आती हूं और आज मैं बहुत खुश हूं कि उन पर एक फिल्म बनी है और वह सुपरहिट हो गई है। यह हनुमान जी का आशीर्वाद है। जिस लड़की ने यह फिल्म बनाई है, वह एक आम और सीधी-सादी लड़की है। उसे फिल्मी दुनिया की ज्यादा जानकारी भी नहीं थी लेकिन इसके बावजूद उसके योगदान से ऐसी फिल्म बनी, जिसे दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिल रहा है।”

हेमा मालिनी ने कहा, ”अब हर कोई इस फिल्म को देखने के लिए व्याकुल है और मैं भी जल्द ही ‘हनुमान अंश’ देखना चाहती हूं।” छोटे बजट में बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर सभी को चौंका दिया है। फिल्म नीम करौली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक सोच से प्रेरित है। हाल के दिनों में फिल्म की टीम ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री को फिल्म के कुछ खास हिस्से दिखाए गए, जिनमें नीम करौली बाबा की आध्यात्मिक यात्रा और नाथ संप्रदाय से जुड़े प्रसंग शामिल थे।

फिल्म को लेकर सिर्फ फिल्मी दुनिया ही नहीं बल्कि राजनीतिक और धार्मिक जगत से भी लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी फिल्म देख चुके हैं और राज्य में इसे टैक्स फ्री करने की घोषणा की गई है। धामी ने कहा कि फिल्म के जरिए उन्हें नीम करौली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा को समझने का मौका मिला।

हालांकि, फिल्म की सफलता के साथ इस पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हुई। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने फिल्म के जरिए धर्म की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं को प्रभावित करने के लिए इस तरह की फिल्मों का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, भाजपा नेता राम कदम ने अलग राय रखते हुए कहा कि किसी भी फिल्म पर आपत्ति जताने से पहले उसके कंटेंट को समझना जरूरी है और हर बात को विवाद का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।

‘हनुमान अंश’ की कहानी नीम करौली बाबा के जीवन से प्रेरित एक आध्यात्मिक सफर को दिखाती है। कहानी की शुरुआत भोसले नामक एक किरदार से होती है, जो अपने पोते को नीम करौली बाबा के बारे में बताता है। इसके बाद कहानी आजादी से पहले के दौर में पहुंचती है जब भोसले एक क्रांतिकारी के रूप में सक्रिय होता है। फिल्म में दिखाया गया है कि उस मुश्किल समय में बाबा उसकी रक्षा करते हैं और यहीं से उनके जीवन से जुड़ी कई घटनाओं की कहानी आगे बढ़ती है।

फिल्म आगे लक्ष्मी नारायण के बचपन में पहुंचती है, जो आगे चलकर नीम करौली बाबा के नाम से प्रसिद्ध हुए। मां के निधन के बाद बालक लक्ष्मी नारायण दुखी होकर भगवान की तलाश में निकल जाता है, ताकि वह उनसे मां को वापस मांग सके। इसी तलाश में वह घर छोड़ देता है और मंदिरों, जंगलों, नदियों और गांवों से गुजरते हुए एक लंबी आध्यात्मिक यात्रा शुरू करता है।

धीरे-धीरे उसकी यह निजी तलाश एक बड़े जीवन दर्शन का रूप ले लेती है। भूखे को खाना खिलाना, जरूरतमंद की मदद करना, लोगों से बिना किसी भेदभाव के प्यार करना और निस्वार्थ सेवा करना उसके जीवन का आधार बन जाता है। फिल्म इन्हीं भावनाओं के जरिए नीम करौली बाबा के जीवन और उनके विचारों को पर्दे पर दिखाने की कोशिश करती है।

फिल्म का लेखन और निर्देशन विशाल चतुर्वेदी ने किया है। वहीं, 21 वर्षीय अनुप्रिया नागर ने फिल्म को प्रोड्यूस किया है।

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