मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज भाजपा पर राष्ट्रीय प्रतीकों का कथित रूप से राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत की गरिमा पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। वंदे मातरम न गाए जाने पर हुए हंगामे के बाद विधानसभा स्थगित होने पर मीडिया से बात करते हुए सुखु ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा राष्ट्रीय गौरव से जुड़े मुद्दों पर “छोटी राजनीति” का सहारा ले रही है। उन्होंने भाजपा विधायकों पर सदन में अपने व्यवहार से राष्ट्रगान का अपमान करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत हमारी राष्ट्रीय शान हैं। ये दोनों ही सरकारी कार्यक्रमों और स्कूलों में बजाए जाते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रगान का किसी भी प्रकार का अपमान न तो कांग्रेस और न ही हिमाचल प्रदेश की जनता बर्दाश्त करेगी। सुखु ने कहा कि कांग्रेस ने देश के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और उन्होंने राष्ट्र की सेवा में पूर्व प्रधानमंत्रियों इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के बलिदानों को याद किया।
मुख्यमंत्री ने भाजपा पर कागजी सूचनाओं के रिसाव, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे अहम मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन जब राष्ट्रीय गौरव के प्रतीकों की बात आती है, तो हमें छोटी राजनीति से ऊपर उठकर ऐसे मुद्दों पर समझौता नहीं करना चाहिए।”
विपक्ष से आत्मनिरीक्षण का आग्रह करते हुए सुखु ने कहा कि कांग्रेस सदन की गरिमा और मर्यादा को किसी भी प्रकार से कमज़ोर नहीं होने देगी। उन्होंने बताया कि केंद्र में भाजपा सत्ता में है और संसद में राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत दोनों का पालन किया जाता है।
बाद में, विधानसभा में आए स्कूली बच्चों से बातचीत करते हुए सुखु ने कहा कि हर आधिकारिक कार्यक्रम राष्ट्रगान से शुरू होता है। उन्होंने दोहराया कि राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत दोनों ही समान रूप से महत्वपूर्ण हैं और कहा कि सत्र के समापन पर वंदे मातरम बजाया जाएगा।


Leave feedback about this