23 जुलाई । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से राज्य में आई भीषण बाढ़ की स्थिति पर फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बताया कि नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र सरकार जल्द ही एक अंतर-मंत्रालयी (इंटर-मिनिस्टीरियल) टीम असम भेजेगी।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली और आश्वासन दिया कि केंद्रीय टीम प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का आकलन करेगी। इसके आधार पर राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए केंद्र सरकार आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि हाल के वर्षों में आई सबसे भीषण बाढ़ के दौरान केंद्र सरकार ने असम को हरसंभव सहयोग दिया है।
उन्होंने बताया कि ऊपरी क्षेत्रों में बादल फटने (क्लाउडबर्स्ट) और अत्यधिक बारिश के कारण राज्य के कई जिलों में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। राज्य के कुछ हिस्सों में सामान्य से 436 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई, जिसके कारण उन इलाकों में भी बाढ़ आ गई जहां पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं बनी थी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, बाढ़ से 25 जिलों के 1,800 से अधिक गांवों में 9 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। इस आपदा में अब तक 41 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों मवेशियों की भी जान गई है।
उन्होंने बताया कि भारतीय वायुसेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और अन्य एजेंसियों की मदद से बचाव एवं राहत अभियान चौबीसों घंटे जारी है। दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर और नौकाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है।
राज्य सरकार ने 148 से अधिक राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहां करीब 30,000 विस्थापित लोगों को आश्रय दिया गया है। राहत दलों द्वारा खाद्यान्न, पेयजल और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की जा रही है। अब तक 3 लाख किलोग्राम से अधिक चावल सहित बड़ी मात्रा में राहत सामग्री सबसे अधिक प्रभावित जिलों में भेजी जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र के साथ मिलकर प्रभावित परिवारों के लिए एक व्यापक पुनर्वास पैकेज तैयार कर रही है। साथ ही, भविष्य में ऊपरी क्षेत्रों में बादल फटने और बाढ़ जैसी आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी चर्चा शुरू की जाएगी।


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