July 30, 2026
Entertainment

खुद को साबित करने की कोशिश नहीं कर रही, अच्छे किरदार मिलना मेरी किस्मत का हिस्सा है : शहनाज गिल

I am not trying to prove myself; landing good roles is a part of my destiny: Shehnaaz Gill.

30 जुलाई । अभिनेत्री शहनाज गिल ने अपने करियर में एक लंबा सफर तय किया है। कभी अपनी चुलबुली अदाओं और बेफिक्र अंदाज से दर्शकों का दिल जीतने में कामयाब रही। इन दिनों वह हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘इश्कनामा’ को लेकर चर्चा में है। इस फिल्म में वह एक गंभीर भूमिका में नजर आ रही है। पर्दे पर निभाए गए किरदारों को लेकर शहनाज ने कहा कि यह सब उनके सफर और किस्मत का हिस्सा है।

जब आईएएनएस ने शहनाज गिल से पूछा कि क्या वह दर्शकों को अपने व्यक्तित्व का दूसरा पहलू दिखाने या अपनी पुरानी छवि बदलने के लिए इस तरह के किरदार चुन रही हैं, तो उन्होंने साफ कहा कि उनका ऐसा कोई मकसद नहीं है।

शहनाज ने कहा, “मैं कुछ साबित करने की कोशिश नहीं कर रही हूं। मेरी किस्मत इसे साबित कर रही है। भगवान मुझे ताकत दे रहे हैं। उनकी कृपा से मुझे अच्छी स्क्रिप्ट मिल रही हैं। जो भी मुझे मौके मिल रहे हैं, उन्हें मैं पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ निभाने की कोशिश कर रही हूं। एक कलाकार का सफर लगातार सीखने और खुद को बेहतर करने का होता है। मैं किसी एक छवि में बंधकर काम नहीं करना चाहतीं, बल्कि अलग-अलग तरह की कहानियों का हिस्सा बनना चाहती हैं।”

बातचीत में शहनाज से पूछा गया कि अगर उनकी जिंदगी की अपनी कोई ‘इश्कनामा’ यानी प्रेम कहानी हो, तो उसका टाइटल क्या होगा। इस सवाल पर अभिनेत्री ने कहा, “जब मेरी जिंदगी पर फिल्म बनेगी तो मुझे लगता है कि वह बहुत दिलचस्प होगी, और जब ऐसा होगा, तब मैं उसका टाइटल भी बताऊंगी।”

फिल्म में अपने किरदार को लेकर शहनाज गिल ने कहा, ”मुझे लगता है कि जब किसी सच्ची कहानी पर फिल्म बनाई जाती है तो जिम्मेदारी लेना बहुत जरूरी होता है। मैंने अपनी तरफ से इस जिम्मेदारी को पूरी क्षमता के साथ निभाने की कोशिश की है। मुझे विश्वास है कि मेरे किरदार को लोग जरूर पसंद करेंगे।”

बता दें कि ‘इश्कनामा’ एक सच्ची कहानी पर आधारित है। फिल्म में भारत-पाकिस्तान सीमा की पृष्ठभूमि के बीच प्यार और रिश्तों की कहानी दिखाई गई है। यह फिल्म साल 1981 से 1988 के बीच की घटनाओं पर आधारित है, जिसमें निर्मल निम्मा और नसीमा की प्रेम कहानी को दिखाया गया है।

‘इश्कनामा’ का निर्देशन अरविंद्र एस. खैरा ने किया है, जबकि फिल्म का निर्माण सौरभ राणा और रवनीत कौर चहल ने किया है। यह फिल्म किताब ‘हिंद पाक बॉर्डरनामा’ से प्रेरित बताई जा रही है।

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