शिमला स्थित भारतीय उन्नत अध्ययन संस्थान (IIAS) के ऐतिहासिक परिसर में आगंतुकों के लिए सुविधाओं को सुदृढ़ करने, हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और अधिक समावेशी एवं पर्यावरण के अनुकूल अनुभव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, संस्थान के निदेशक प्रोफेसर हिमांशु चतुर्वेदी ने सोमवार को बैटरी से चलने वाली गोल्फ कार्ट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह कार्ट स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के तहत संस्थान को सौंपी गई है।
कार्यक्रम का शुभारंभ ठेले की उपयोगिता, आगंतुकों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने में इसकी भूमिका और परिसर में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने तथा प्रदूषण कम करने में इसके महत्व पर एक संक्षिप्त परिचय के साथ हुआ। इसके बाद निदेशक द्वारा ठेले को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जिसके बाद गोरखा गेट से टिकट बूथ तक इसकी पहली औपचारिक यात्रा संपन्न हुई।
प्रोफेसर चतुर्वेदी ने कहा कि यह सुविधा पर्यटकों और आगंतुकों को मामूली शुल्क पर उपलब्ध कराई जाएगी और उम्मीद है कि यह वरिष्ठ नागरिकों, विकलांग व्यक्तियों और उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभदायक होगी जिन्हें संस्थान तक पहुंचने वाले मार्ग पर चलने में कठिनाई होती है।
उन्होंने कहा, “संस्थान अपने ऐतिहासिक परिसर में आगंतुकों के लिए सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी को भी समान महत्व देता है। इससे न केवल पर्यटकों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि परिसर के भीतर शोर और वायु प्रदूषण को कम करने की दिशा में भी यह एक सार्थक कदम होगा।”

