3 मार्च । जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने ईरान में हाल ही में हुए घटनाक्रम के मद्देनजर सुरक्षा स्थिति का जायजा लेने के लिए एक हाई-लेवल सिक्योरिटी रिव्यू मीटिंग की अध्यक्षता की। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
मुख्य सचिवालय के लोक भवन में आयोजित इस बैठक में लेफ्टिनेंट गवर्नर ने केंद्र शासित प्रदेश में मौजूदा सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में नॉर्दर्न कमांड के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, जम्मू-कश्मीर पुलिस के डायरेक्टर जनरल नलिन प्रभात, श्रीनगर हेडक्वार्टर वाली 15 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रशांत श्रीवास्तव और नॉर्दर्न कमांड के मेजर जनरल बलबीर सिंह समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
अधिकारियों ने बैठक के दौरान लेफ्टिनेंट गवर्नर को काउंटर-टेरर ऑपरेशन, सीमा प्रबंधन, इंटेलिजेंस समन्वय और संवेदनशील जिलों में मौजूद हालात के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा आर्मी, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल को और मजबूत करने पर भी चर्चा हुई, ताकि किसी भी संभावित खतरे का तेज और संगठित जवाब दिया जा सके।
बैठक में एरिया डॉमिनेशन के तरीके, सर्विलांस सिस्टम और प्रोएक्टिव ऑपरेशनल रणनीतियों पर भी विस्तार से बात की गई। अधिकारियों ने बताया कि लेफ्टिनेंट गवर्नर ने पूरे प्रदेश में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए उच्च स्तर की सतर्कता और तैयारियों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
इस बैठक का उद्देश्य किसी भी उभरते खतरे का समय रहते पता लगाना और उसे नियंत्रित करना था, ताकि आम जनता की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि लेफ्टिनेंट गवर्नर ने सुरक्षा अधिकारियों को नागरिकों की सुरक्षा और प्रदेश में शांति बनाए रखने के लिए मजबूत और सक्रिय (प्रोएक्टिव) रणनीति अपनाने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने यह भी बताया कि यह हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग ऐसे समय हुई जब इलाके में विकास गतिविधियां चल रही हैं और इससे स्पष्ट होता है कि प्रशासन जम्मू-कश्मीर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने पर लगातार ध्यान दे रहा है।
सुरक्षा स्थिति को देखते हुए घाटी में मंगलवार को पूरी तरह पाबंदियां लागू की गई हैं। सार्वजनिक सभाओं और जुलूस निकालने पर रोक है। सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय आज बंद रहेंगे।
सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान और सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी बंद रहेंगी। इसके अलावा, शरारती तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री अपलोड करने को रोकने के लिए इंटरनेट की स्पीड धीमी कर दी गई है।
इस तरह की कड़े कदमों का उद्देश्य क्षेत्र में शांति बनाए रखना और किसी भी असामाजिक गतिविधि को रोकना है।

