N1Live Haryana कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय लोक साहित्य और सांस्कृतिक अनुसंधान केंद्र स्थापित करेगा
Haryana

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय लोक साहित्य और सांस्कृतिक अनुसंधान केंद्र स्थापित करेगा

Kurukshetra University will establish a Centre for Folk Literature and Cultural Research.

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने अपने हिंदी विभाग में लोक साहित्य और सांस्कृतिक अनुसंधान केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है।

कुलपति प्रोफेसर सोम नाथ सचदेवा ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह केंद्र हरियाणवी लोक साहित्य और संस्कृति पर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार, कार्यशालाओं, अनुसंधान परियोजनाओं और प्रदर्शनियों के आयोजन में सहयोग प्रदान करेगा। साथ ही, यह इनके व्यवस्थित दस्तावेजीकरण, डिजिटलीकरण और प्रकाशन को भी बढ़ावा देगा। नई नीति योजना (एनईपी-2020) के अनुरूप, यह केंद्र मातृभाषाओं, लोक भाषाओं और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत पर शिक्षा और अनुसंधान को सुदृढ़ करेगा।

हिंदी विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर महा सिंह पूनिया ने बताया कि विश्वविद्यालय के धरोहर हरियाणा संग्रहालय में राज्य की सांस्कृतिक विरासत, लोकजीवन, लोक कला, लोक साहित्य, पारंपरिक परिधान, हस्तशिल्प और पारंपरिक जीवन शैली से संबंधित बहुमूल्य सामग्री मौजूद है। हिंदी विभाग में उपलब्ध हरियाणा के लोक साहित्य और संस्कृति से संबंधित पुस्तकों और अन्य संदर्भ सामग्री को भी इस संग्रहालय में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे शोधकर्ताओं को इन संसाधनों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच और उपयोग करने में सुविधा होगी।

जनसंपर्क उप निदेशक डॉ. जिम्मी शर्मा ने बताया कि केंद्र की स्थापना की देखरेख और अनुसंधान गतिविधियों के मार्गदर्शन के लिए एक समिति का गठन प्रस्तावित किया गया है। हिंदी विभाग के अध्यक्ष संयोजक होंगे, जबकि जनसंपर्क निदेशक, युवा एवं सांस्कृतिक मामलों के निदेशक, जेएलएन पुस्तकालय के लाइब्रेरियन, जनसंपर्क उप निदेशक, सहायक रजिस्ट्रार (जनरल) और वित्त अधिकारी का एक प्रतिनिधि समिति के सदस्य होंगे।

Exit mobile version