N1Live Sports लवप्रीत सिंह: आर्थिक तंगी और ‘संघर्ष की तपस्या’ में तपकर चमका दर्जी पिता का बेटा, यादगार प्रदर्शन कर जीता सिल्वर मेडल
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लवप्रीत सिंह: आर्थिक तंगी और ‘संघर्ष की तपस्या’ में तपकर चमका दर्जी पिता का बेटा, यादगार प्रदर्शन कर जीता सिल्वर मेडल

Lovpreet Singh: Son of a tailor shines after being forged in the fire of financial hardship and the 'penance of struggle'; wins silver medal with a memorable performance.

 

नई दिल्ली, ‘रात नहीं ख्वाब बदला है, मंजिल नहीं कारवां बदलता है, जज्बा रखो जीतने का क्योंकि किस्मत बदले न बदले, पर वक्त जरूर बदलता है।’ यह लाइनें पूरी तरह से भारतीय वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह पर फिट बैठती हैं। आर्थिक तंगी और संघर्ष की तपस्या में तपकर लवप्रीत कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के मंच पर क्या खूब चमके।

लवप्रीत ने कुल 388 किलोग्राम का भार उठाते हुए देश को वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल दिलाया। लवप्रीत एक किलो के भार से गोल्ड लाने से चूक गए, लेकिन उन्होंने स्नैच राउंड में 176 किलो का वजन उठाने के साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स में नया रिकॉर्ड कायम कर दिया। हालांकि, लवप्रीत का गले में सिल्वर मेडल पहनने तक का सफर चुनौतियों से भरा रहा।

लवप्रीत एक बेहद साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता पेशे से दर्जी है, जबकि दादा सब्जियां बेचते हैं। शुरुआत से ही परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। हालांकि, माता-पिता ने लवप्रीत के हाथों में अपनी तरह सुई और धागे की डोर नहीं थमाई, बल्कि उन्हें देश के लिए मेडल लाने का सपना देखने की इजाजत दी। परिवार बेशक आर्थिक तंगी से लड़ाई लड़ता रहा, लेकिन इसका असर पिता ने कभी भी लवप्रीत की ट्रेनिंग पर नहीं पड़ने दिया।

लवप्रीत ने महज 13 साल की उम्र में ही वेटलिफ्टिंग की दुनिया में कदम रख दिया था। परिवार ने उनकी ट्रेनिंग और खानपान का हमेशा ख्याल रखा और कभी भी कोई कमी महसूस नहीं होने दी। भारतीय वेटलिफ्टर की जिंदगी ने तब नया मोड़ लिया जब साल 2015 में उन्हें भारतीय नोसैना में नौकरी मिली। लवप्रीत को इसके बाद पटियाला में नेशनल ट्रेनिंग शिविर में प्रैक्टिस करने का चांस मिला। दो साल के भीतर ही लवप्रीत ने अपनी काबिलियत को साबित करके दिखा दिया और उन्होंने कॉमनवेल्थ जूनियर चैंपियनशिप में गोल्ड और एशियाई जूनियर चैंपियनसशिप में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। अपने इस प्रदर्शन के बाद वह धीरे-धीरे भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम के भरोसेमंद लिफ्टर बनते चले गए।

लवप्रीत ने स्नैच में 176 किलोग्राम का भार उठाकर रिकॉर्ड तो बनाया ही, इसके साथ ही क्लीन एंड जर्क राउंड में उन्होंने 212 किलो का वजन उठाया। हालांकि, लवप्रीत अपने तीसरे प्रयास में 217 किलो का भार उठाने से चूक गए। अगर वह इस भार को लिफ्ट करने में सफल हो जाते, तो लवप्रीत एक और रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम कर लेते।

 

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