June 4, 2026
National

लखनऊ को मिला नौसेना शौर्य वाटिका का तोहफा, सीएम योगी बोले- सुरक्षा मजबूत होगी तभी दुनिया करेगी सलाम

Lucknow gets the gift of Naval Shaurya Vatika, CM Yogi said – only when security is strong, the world will salute

30 मई । भारतीय सेनाओं के बढ़ते गौरव, स्वदेशी रक्षा क्षमता और हालिया सैन्य उपलब्धियों के बीच उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को शनिवार को एक नई पहचान मिली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने 19 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ का लोकार्पण किया।

गोमती तट पर विकसित इस अनूठी वाटिका में भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त युद्धपोत आईएनएस गोमती को उसके मूल स्वरूप में स्थापित किया गया है, जो युवाओं को देशभक्ति, सैन्य पराक्रम और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रेरित करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा को विकास की सबसे बड़ी पूर्वशर्त बताया।

उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में असुरक्षा, दंगे, कर्फ्यू और माफिया राज का माहौल था, जिससे निवेश और विकास की संभावनाएं प्रभावित होती थीं। आज प्रदेश सुरक्षित वातावरण के कारण देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश का सैनिक सीमाओं पर पूरी निष्ठा के साथ कर्तव्य निभाता है तो नागरिकों का भी दायित्व बनता है कि वे सेना और वर्दीधारियों के प्रति सम्मान का भाव रखें। इसी सोच के साथ लखनऊ में नौसेना संग्रहालय और शौर्य वाटिका की परिकल्पना की गई थी, जो अब साकार हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि दुनिया में शांति का सम्मान वही देश करा सकता है जो अपनी सुरक्षा के प्रति मजबूत और सजग हो। यदि कोई देश या शक्ति भारत की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए खतरा बनती है तो उसके साथ केवल उपदेशों से काम नहीं चलता, उसे उसी की भाषा में जवाब देना पड़ता है।

मुख्यमंत्री ने विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रधानमंत्री के ‘पंच प्रण’ का उल्लेख करते हुए कहा कि हर नागरिक को राष्ट्र निर्माण की इस यात्रा में सहभागी बनना होगा। उन्होंने कहा कि सेना के सम्मान और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में यह शौर्य वाटिका महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने हालिया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और भारत की सामरिक क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत दुनिया देख चुकी है।

उन्होंने सुझाव दिया कि प्रयागराज महाकुंभ जैसे आयोजनों में नौसेना की विशेष प्रदर्शनी लगाई जानी चाहिए, ताकि देश-विदेश से आने वाले लोग भारतीय नौसेना की शक्ति को करीब से जान सकें। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि लखनऊ की धरती 1857 की क्रांति से लेकर कारगिल के वीरों तक शौर्य और बलिदान की साक्षी रही है। ऐसे में नौसेना शौर्य वाटिका राजधानी की गौरवशाली विरासत में नया अध्याय जोड़ेगी।

नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने कहा कि भले ही उत्तर प्रदेश समुद्र तट वाला राज्य नहीं है, लेकिन इसकी नदियां अंततः समुद्र से जुड़ती हैं। गोमती नदी के नाम पर बने युद्धपोत आईएनएस गोमती ने 34 वर्षों तक राष्ट्रसेवा की और अब उसका गौरवशाली इतिहास लखनऊ में आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि वाटिका में नौसेना के विभिन्न प्लेटफॉर्म, रक्षा तकनीक, यूपी डिफेंस कॉरिडोर और ब्रह्मोस निर्माण परियोजना से जुड़ी जानकारियां भी उपलब्ध होंगी, जिससे युवाओं में सैन्य सेवाओं के प्रति आकर्षण बढ़ेगा।

ज्ञात हो कि नौसेना शौर्य वाटिका में भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त युद्धपोत आईएनएस गोमती स्थापित किया गया है, जो कि आकर्षण का मुख्य केंद्र होगा। यह युद्धपोत 28 मई 2022 को सेवा से रिटायर हुआ था। वहीं एंकर, एके-726 मीडियम रेंज तोप, सीईटी-53 एम पनडुब्बी अवरोध, जिफ-101 लॉन्चर विद आरजे, कैपस्टन ड्रम, मुख्य मस्तूल और जहाज का प्रोपेलर शामिल हैं।

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