July 22, 2026
National

तमिलनाडु सरकार का बड़ा फैसला, सभी सरकारी कार्यालयों में लगेंगे भ्रष्टाचार विरोधी बोर्ड

Major decision by the Tamil Nadu government: Anti-corruption boards to be installed in all government offices.

तमिलनाडु सरकार ने सार्वजनिक प्रशासन में पारदर्शिता को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से एक नया अभियान शुरू किया है। इसके तहत राज्य के सभी सरकारी विभागों, जिला प्रशासन, स्थानीय निकायों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) और सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों को ऐसे भ्रष्टाचार विरोधी सूचना बोर्ड प्रमुख स्थानों पर लगाने का निर्देश दिया गया है, जिन पर स्पष्ट रूप से लिखा होगा कि रिश्वत देना और रिश्वत लेना दोनों ही दंडनीय अपराध हैं।

यह निर्देश मुख्य सचिव एम. साई कुमार द्वारा हस्ताक्षरित एक सरकारी आदेश के माध्यम से जारी किया गया। आदेश के अनुसार, प्रत्येक सरकारी कार्यालय में तमिल और अंग्रेजी भाषा में द्विभाषी सूचना बोर्ड ऐसे स्थानों पर लगाए जाएंगे, जहां आम जनता उन्हें आसानी से देख सके। विजय सरकार ने सभी विभागों को यह भी निर्देश दिया है कि वे यही भ्रष्टाचार विरोधी संदेश अपनी आधिकारिक वेबसाइटों पर भी प्रकाशित करें। इसके साथ ही वेबसाइट पर सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) के पोर्टल का सीधा लिंक भी उपलब्ध कराया जाएगा।

सरकारी आदेश में कहा गया है कि वर्ष 2006 से इस संबंध में कई बार निर्देश जारी किए जाने के बावजूद अनेक कार्यालयों ने इनका पूरी तरह पालन नहीं किया। कई जगहों पर भ्रष्टाचार विरोधी बोर्ड लगाए ही नहीं गए, जबकि कुछ कार्यालयों में इन्हें ऐसी जगह लगाया गया जहां आने वाले लोगों की नजर आसानी से नहीं पड़ती थी।

सरकार का कहना है कि नया आदेश राज्य के सभी सरकारी प्रतिष्ठानों में इस व्यवस्था को एक समान तरीके से लागू करने के उद्देश्य से जारी किया गया है। इन सूचना बोर्डों पर “रिश्वत देना और रिश्वत लेना अपराध है” संदेश के अलावा सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) का पता, टेलीफोन नंबर, व्हाट्सएप नंबर, फैक्स नंबर और आधिकारिक ईमेल आईडी भी प्रदर्शित की जाएगी।

सरकार को उम्मीद है कि इन जानकारियों तक लोगों की आसान पहुंच होने से वे भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की शिकायत बिना किसी कठिनाई के दर्ज करा सकेंगे। सभी विभागों को अपने प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाले वैधानिक बोर्डों, निगमों, स्थानीय निकायों, सरकारी कंपनियों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को भी इसी प्रकार के निर्देश जारी करने के लिए कहा गया है।

अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इन आदेशों को बिना किसी देरी के लागू करना सुनिश्चित करें। आदेश के अनुपालन की निगरानी के लिए विभिन्न विभागों की निरीक्षण शाखाओं और जिला कलेक्टर कार्यालयों के निरीक्षण प्रकोष्ठों को यह सत्यापित करने का निर्देश दिया गया है कि सभी कार्यालयों में निर्धारित प्रारूप के अनुसार सूचना बोर्ड लगाए गए हैं और सरकारी निर्देशों का पूरी तरह पालन किया गया है।

इसके अलावा सरकार ने विभागीय सचिवों और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के सभी कार्यालयों में आदेशों के पालन की पुष्टि करने के बाद मानव संसाधन प्रबंधन विभाग को अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

यह नई पहल राज्य सरकार द्वारा हाल ही में शुरू की गई सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) की समर्पित व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9498180936 शुरू किए जाने के कुछ ही दिनों बाद सामने आई है। इस हेल्पलाइन का उद्देश्य नागरिकों को भ्रष्टाचार की शिकायतें तेजी से दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध कराना और सार्वजनिक प्रशासन में पारदर्शिता तथा जवाबदेही को और मजबूत बनाना है।

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