August 24, 2026
National

‘सीखने को जीवन भर की आदत बनाएं, सिर्फ परीक्षा पास करने के लिए नहीं’, गुजरात के मंत्री की छात्रों से अपील

‘Make learning a lifelong habit, not just a means to pass exams’: Gujarat minister’s appeal to students.

गुजरात के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने रविवार को अहमदाबाद में तीन दिन तक चले ‘स्पेस फेस्टिवल-2026′ के समापन पर कहा कि सिर्फ परीक्षा पास करना ही सफलता का पैमाना नहीं होना चाहिए। उन्होंने छात्रों से लगातार सीखते रहने को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आग्रह किया।
नेशनल स्पेस डे’ के जश्न के तहत 21 से 23 अगस्त तक गुजरात साइंस सिटी में आयोजित फेस्टिवल में छात्रों को संबोधित करते हुए अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि युवाओं का मकसद सिर्फ परीक्षा के नतीजों के बजाय किसी भी क्षेत्र में महारत हासिल करना होना चाहिए।

उन्होंने कहा, “सिर्फ परीक्षा पास करना ही जिंदगी में कामयाबी की निशानी नहीं है। विज्ञान, कॉमर्स, आर्ट्स, खेल या संस्कृति- किसी भी क्षेत्र में महारत हासिल करना ही असली कामयाबी है।” मंत्री ने छात्रों से लगातार सीखने और नए विषयों के बारे में जानकारी हासिल करने की आदत डालने को कहा। उन्होंने डॉ. विक्रम साराभाई, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, डॉ. होमी भाभा और डॉ. सतीश धवन जैसे वैज्ञानिकों का उदाहरण दिया, जिन्होंने सीखने और रिसर्च के प्रति लगातार समर्पण के जरिए देश में योगदान दिया।

अर्जुन मोढवाडिया ने युद्ध के बदलते स्वरूप और राष्ट्रीय सुरक्षा में टेक्नोलॉजी के बढ़ते महत्व की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा, “पारंपरिक तौर पर युद्ध में पारंपरिक हथियारों और सैनिकों का दबदबा रहा है, जबकि अब साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन और दूसरी एडवांस्ड टेक्नोलॉजी तेजी से अहम होती जा रही हैं।”

उन्होंने कहा कि इसलिए नई पीढ़ी को टेक्नोलॉजी में महारत हासिल करनी होगी और देश की सुरक्षा के साथ-साथ उसके विकास में योगदान देने के लिए तैयार होना होगा। उन्होंने साइबर सिक्योरिटी और उससे जुड़े क्षेत्रों में करियर बनाने के इच्छुक छात्रों को शुभकामनाएं भी दीं। गुजरात के वैज्ञानिक संस्थानों का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा, “डॉ. विक्रम साराभाई के योगदान की वजह से अहमदाबाद स्पेस रिसर्च का एक अहम केंद्र बन गया था।”

उन्होंने बताया कि राज्य में स्पेस एप्लीकेशन सेंटर, फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी, गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर और इंस्टीट्यूट ऑफ सिस्मोलॉजिकल रिसर्च जैसे संस्थान काम कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे उभरते हुए सेक्टर गुजरात के युवाओं के लिए नए मौके पैदा कर रहे हैं।

अर्जुन मोढवाडिया ने कहा, “2047 का विकसित भारत आज के छात्रों का भारत होगा।” उन्होंने युवा पीढ़ी से ज्ञान, विज्ञान, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के जरिए एक आत्मनिर्भर, सुरक्षित और विकसित देश बनाने में योगदान देने का आह्वान किया। समापन समारोह के दौरान रंगोली प्रतियोगिता के विजेताओं को इनाम दिए गए, जबकि फेस्टिवल में योगदान के लिए संस्थानों, स्टार्टअप्स और दूसरे प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट दिए गए।

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