April 20, 2026
Entertainment

एक घटना की वजह से करियर के पीक पर ममता कुलकर्णी ने छोड़ा था बॉलीवुड, नौ दिनों ने बदला मन

Mamta Kulkarni left Bollywood at the peak of her career due to an incident; nine days changed her mind.

20 अप्रैल । शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान जैसे बड़े स्टार्स के साथ काम कर सुपरहिट फिल्में देने वाली ममता कुलकर्णी अध्यात्म की राह पर हैं।

उन्होंने अपने करियर की पीक पर फिल्मों से दूरी बना ली थी। किसी को नहीं पता था कि ‘तिरंगा’, ‘आशिक आवारा’, ‘करन-अर्जुन’ और ‘क्रांतिवीर’ जैसी सुपरहिट फिल्में देने वाली ममता एक झटके में बॉलीवुड छोड़ देंगी, लेकिन ममता ने अपनी मां की वजह से हिंदी सिनेमा से दूरी बना ली थी।

20 अप्रैल को मराठी परिवार में जन्मी ममता कुलकर्णी को हिंदी और अंग्रेजी दोनों ही अच्छे तरीके से नहीं आती थी, लेकिन फिर भी उन्होंने 90 के दशक की सुपरहिट फिल्मों में काम किया। हिंदी सिनेमा से पहले अभिनेत्री ने तमिल सिनेमा में अपने करियर को चमकाने की कोशिश की और पहली फिल्म उन्हें 1991 में ‘ननबरगल’ मिली, जिसके बाद साल 1992 में तेलुगु रोमांस ड्रामा ‘प्रेमा शिखराम’ में काम किया।

इसी साल ममता की किस्मत चमकी और उन्होंने पहली हिंदी फिल्म ‘तिरंगा’ से बॉलीवुड में कदम रखा। मल्टीस्टारर फिल्म होने के बाद भी ममता के खूबसूरत चेहरे और कर्ली बालों ने लोगों का दिल जीत लिया।

खुद ममता ने इस बात का जिक्र कई बार किया कि सिनेमा में उन्हें काम के लिए किसी तरह की परेशानी नहीं हुई, बल्कि उन्हें जो फिल्में ऑफर होती थी, तो वे कोशिश करती थी कि किसी को मना न करें।

1993 में आई फिल्म ‘आशिक आवारा’ ने ममता को स्टार बना दिया। इस फिल्म के लिए उन्हें ‘फिल्मफेयर न्यू फेस’ अवॉर्ड से नवाजा गया और सुपरहिट का सिलसिला चलता रहा। हालांकि, साल 2000 के आते-आते उन्होंने अध्यात्म को अपनी नई मंजिल चुना।

एक समय ऐसा आया, जब दुबई के रहने वाले अंडरवर्ल्ड ड्रग माफिया विक्की गोस्वामी के साथ उनके रिश्ते की वजह से बी-टाउन में अभिनेत्री के लिए काम करना मुश्किल हो गया। निर्देशक उनके साथ फिल्म करने से कतराने लगे और फिर साल 2002 आते-आते उन्होंने बॉलीवुड को अलविदा कह दिया।

उन्होंने खुद एक इंटरव्यू में कहा था कि फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने से पहले 30-40 फिल्में ऑफर हुई थी, लेकिन मेरा मन समझ चुका था कि यह सब भ्रम है। मैंने नौ दिन मां की आराधना की। वहीं, मेरी मां का भी निधन हो गया। उनके जाने के बाद मेरे अंदर कोई इच्छा नहीं बची थी और मुझे हिंदी सिनेमा में काम नहीं करना था। जिस सिनेमा ने मुझे सब कुछ दिया, उसे छोड़कर मैं 23 साल इन सभी चीजों से दूर रही और मुझे फिल्मों में वापसी का कोई शौक नहीं है।

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