मंगलवार दोपहर को बद्दी-नालागढ़ राजमार्ग पर स्थित खेड़ा गांव में डीजल से भरे एक टैंकर में भीषण आग लग गई, जिससे उसका चालक घायल हो गया।
तेल के टैंकर को आग की लपटों में घिरा देखकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी और दहशत फैल गई। टैंकर चालक ने शुरू में खुद ही आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन वह घायल हो गया और उसे इलाज के लिए पास के अस्पताल ले जाया गया।
आग की अत्यधिक ज्वलनशीलता को देखते हुए, टैंकर कुछ ही मिनटों में पूरी तरह से आग की लपटों में घिर गया। दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया।
खबरों के मुताबिक, दमकल विभाग को दोपहर करीब 3:20 बजे दादि कनिया गांव के पास आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही एक टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
आग की लपटों में घिरे टैंकर ने एक गंभीर स्थिति पैदा कर दी थी क्योंकि इससे आग के आसपास के वाहनों और प्रतिष्ठानों में फैलने का खतरा था।
रणनीतिक रूप से कार्य करते हुए दमकल कर्मियों ने इलाके को सुरक्षित कर लिया और आग पर काबू पाने के लिए आक्रामक तरीके से आग बुझाने का काम शुरू किया। आग पर काबू पाने में लगभग डेढ़ घंटे का कठिन प्रयास लगा, जिसमें तीन दमकल गाड़ियां और 11 दमकल कर्मी शामिल थे।
दमकल विभाग का अनुमान है कि नुकसान करीब 10 लाख रुपये का हुआ है, जबकि आग लगने का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है।
होम गार्ड्स के कमांडेंट संतोष कुमार ने बताया कि दमकल कर्मियों की समयबद्ध कार्रवाई से आग को आसपास के क्षेत्र में फैलने से रोकने में मदद मिली, जिससे एक बड़ी आपदा टल गई और एक करोड़ रुपये की संपत्ति को बचा लिया गया।

