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खामियों को दूर करने और राजस्व हानि रोकने के लिए खनन नीति में संशोधन किया जाएगा: मुख्यमंत्री

Mining policy will be amended to remove loopholes and prevent revenue loss: Chief Minister

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज विधानसभा को आश्वासन दिया कि राज्य की खनन नीति में संशोधन किया जाएगा ताकि राजस्व हानि की वजह बनने वाली खामियों को दूर किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार नीति में संशोधन करने और खनन से होने वाली आय को मौजूदा 400 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,000 करोड़ रुपये करने के लिए तैयार है।

प्रश्नकाल में भरमौर के विधायक जनक राज द्वारा उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए सुखू ने कहा, “हम किसी को भी राज्य के संसाधनों को लूटने की इजाजत नहीं देंगे और अगर कोई गलती हुई है, तो उसे सुधारा जाएगा।”

भरमौर के विधायक ने सरकार से पूछा था कि क्या चंबा जिले में 165 बीघा सरकारी भूमि किसी व्यक्ति को पट्टे पर देने की योजना है, विशेषकर जब पांच बीघा से अधिक सरकारी भूमि केवल नीलामी के माध्यम से दी जा सकती है।

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने सवाल का जवाब देते हुए कहा कि विधायक जिस मामले का जिक्र कर रहे हैं, वह 2018 से पहले का है। उन्होंने कहा, “यह मामला 2015 का है और लीज का नवीनीकरण किया गया था, क्योंकि उन्होंने सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली थीं और उनके पास आवश्यक मंजूरी और अनापत्ति प्रमाण पत्र थे। 2018 के बाद खनन के लिए सरकारी जमीन केवल नीलामी के जरिए दी गई।”

धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा के सवाल पर सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार धर्मशाला के तपोवन में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र का निर्माण करेगी। उन्होंने दावा किया, “यह 4.5 हेक्टेयर में बनाया जाएगा और यह देश का सबसे बड़ा सम्मेलन केंद्र होगा।” उन्होंने कहा कि शुरू में योजना दरी मैदान में केंद्र बनाने की थी, लेकिन सरकार ने बच्चों के खेल के मैदान को संरक्षित करने के लिए ऐसा नहीं करने का फैसला किया।

बंजार विधायक सुरेन्द्र शौरी, नैना देवी विधायक रणधीर शर्मा तथा जसवां-परागपुर विधायक बिक्रम सिंह द्वारा पूछे गए संयुक्त प्रश्न के उत्तर में उद्योग मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत पिछले दो वर्षों में 1937 मामलों को मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 45 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई है, जिसमें से 44.64 करोड़ रुपये अनुदान के रूप में दिए गए हैं तथा 41 लाख रुपये प्रचार गतिविधियों पर खर्च किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सबसे पहले इस योजना के तहत लंबित 127 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी। उन्होंने कहा, “लंबित मामलों के निपटारे के बाद नए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।”

सुक्खू ने कहा कि सरकार विभागीय परियोजनाओं के तहत विधायकों को विदेश दौरे पर भेजेगी। उन्होंने कहा, “विदेशी अनुभव विधायकों को राज्य की प्रगति के लिए बनाई गई योजनाओं के तहत अधिक सकारात्मक और प्रभावी भूमिका निभाने में मदद करेगा।” यह बात उन्होंने सुलह विधायक विपिन परमार द्वारा छात्रों और शिक्षकों की विदेश यात्राओं के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कही।

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि विदेश यात्राओं के लिए छात्रों और शिक्षकों का चयन पारदर्शी मानदंडों के तहत किया गया है। उन्होंने कहा, “विश्व बैंक द्वारा प्रायोजित स्टार प्रोजेक्ट के तहत विदेश यात्राओं के लिए धन प्राप्त हुआ है। अगर इस परियोजना को केंद्र सरकार से विस्तार मिलता है, तो छात्रों और शिक्षकों के लिए विदेश यात्राएं जारी रहेंगी।”

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