प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लुधियाना और जयपुर (राजस्थान) में स्थित मेसर्स पीएसीएल (पर्ल्स एग्रोटेक कॉर्पोरेशन लिमिटेड) और उससे संबंधित संस्थाओं की 1,986.48 करोड़ रुपये मूल्य की 37 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई पीएसीएल द्वारा संचालित एक सामूहिक निवेश योजना से जुड़े बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी की चल रही जांच के अंतर्गत की गई है।
यह जांच 19 फरवरी, 2014 को केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी और 420 के तहत दर्ज किए गए एक मामले से संबंधित है। जांच से पता चला है कि आरोपी संस्थाओं और व्यक्तियों ने कृषि भूमि की बिक्री और विकास की आड़ में पूरे भारत में लाखों निवेशकों से धोखाधड़ी करके 60,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाने वाली एक अवैध सामूहिक निवेश योजना का संचालन किया।
रिपोर्ट के अनुसार, निवेशकों को नकद और किश्तों में भुगतान योजनाओं के माध्यम से निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया था। उनसे भ्रामक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए थे, जिनमें समझौते, पावर ऑफ अटॉर्नी और अन्य दस्तावेज शामिल थे। अधिकांश मामलों में, न तो जमीन सौंपी गई और निवेशकों को लगभग 48,000 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया गया।
आगे की जांच से पता चला कि भोले-भाले निवेशकों से एकत्र की गई धनराशि को विभिन्न संबंधित और असंबंधित संस्थाओं के माध्यम से भेजा गया था और अंततः अब मृत निर्मल सिंह भंगू, उनके परिवार के सदस्यों और सहयोगियों तथा पीएसीएल की संबंधित संस्थाओं के बैंक खातों में जमा किया गया था। आरोप है कि इन पैसों का इस्तेमाल उनके नाम पर अचल संपत्तियां खरीदने के लिए किया गया था। ईडी ने अब तक भारत और विदेश में स्थित संपत्तियों सहित लगभग 7,589 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को जब्त कर लिया है।

