April 17, 2026
National

महिला आरक्षण विधेयक पर सांसद शशांक मणि बोले, स्टालिन अलगाववादी भाषा न बोलें, बिल का समर्थन करें

MP Shashank Mani said on the Women’s Reservation Bill, Stalin should not speak separatist language, he should support the bill.

17 अप्रैल । महिला आरक्षण विधेयक को लेकर भाजपा सांसद शशांक मणि ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि आज चर्चा के दौरान इसको लेकर सारी चीजें साफ हो जाएंगी। नोटिफिकेशन को लेकर चर्चा की जाएगी। उम्मीद है कि सर्वसम्मति से विधेयक को पारित किया जाएगा। इसको लेकर लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री के वक्तव्य से सभी लोग प्रभावित हैं।

सांसद शशांक मणि ने परिसीमन को लेकर कहा कि पीएम मोदी सहित हमारे कई वक्ताओं ने कहा कि परिसीमन को लेकर हमने ऐसा फॉर्मूला बनाया है, जिससे दक्षिण के प्रदेशों को हानि नहीं होगी। परिसीमन तो वैसे भी होना है। सीएम एम.के. स्टालिन अलगाववादी भाषा न बोलें। एक राष्ट्र की तरह इस बिल का समर्थन करें।

प्रियंका गांधी के बयान को लेकर सांसद शशांक मणि ने कहा कि लोकतंत्र पर हमला तब होता है, जब परिवारवाद होता है। लोकतंत्र पर हमला तब नहीं होता है, जब हम महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की लड़ाई लड़ रहे हैं। देश की आधी आबादी विपक्ष से समर्थन न करने पर नाराज है। इस बात को पीएम मोदी ने विपक्ष को तरीके से समझाया।

भाजपा सांसद माया नारोलिया ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि आज मन हर्षित और प्रफुल्लित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से देश की आधी आबादी को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का संशोधन विधेयक की जो प्रस्तावना रखी है, वह सराहनीय है।

सांसद माया नारोलिया ने कहा कि हम सभी से आग्रह करते हैं, क्योंकि ये महिलाओं की निर्णायक भूमिका वाला बिल है। लोकसभा और विधानसभा में जब महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा तो उसकी तस्वीर और तकदीर अलग होगी।

झारखंड मुक्ति मोर्चा सांसद महुआ माझी ने कहा कि 2023 में पूरे विपक्ष ने सरकार का साथ दिया था। महिला आरक्षण विधेयक को सबसे मिलकर पारित किया था। हम सभी चाहते हैं कि महिला आरक्षण हो। हम लोगों ने बहुत आवाज उठाई, इसको लेकर धरना प्रदर्शन किया। संसद में भी हमने आवाज उठाई।

समाजवादी पार्टी सांसद राजीव राय ने कहा कि चुनावी शातिरपन में यह विधेयक लाया गया। जब एक विधेयक सर्वसम्मति से पास हो गया था, तो फिर इसकी जरूरत ही नहीं थी। लोकतंत्र की कोख से पैदा हुई सरकार में जब अहंकार आ जाता है, तो इस तरह की हरकतें होती हैं।

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि विपक्ष अगर महिलाओं का विरोधी है तो इसमें सत्ता पक्ष क्या कर सकता है? विपक्ष को सकारात्मक भूमिका में आकर अपना समर्थन देना चाहिए। इस देश की विडंबना है कि आधी आबादी को विपक्ष की ओर से नकारा जा रहा है।

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