July 8, 2026
National

डॉक्टर से मारपीट मामले में नाना पटोले बोले, जीत के नशे व सत्ता के अहंकार में चूर हैं महायुति के नेता

Nana Patole on the doctor assault case: Mahayuti leaders are intoxicated by victory and blinded by the arrogance of power.

8 जुलाई । कल्याण-डोंबिवली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (केडीएमसी) क्षेत्र के एक सरकारी अस्पताल में शिवसेना के कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे पर डॉक्टरों और नर्सों के साथ कथित मारपीट का आरोप लगने के बाद मामला राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के विरोध में चिकित्सा कर्मियों ने नाराजगी जताई, जबकि कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार और सत्तारूढ़ गठबंधन पर तीखा हमला बोला।

कांग्रेस विधायक नाना पटोले ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी गठबंधन को मिले भारी बहुमत के कारण उसके नेताओं में अहंकार आ गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा लगता है कि वे हमेशा सत्ता में रहेंगे और इसी मानसिकता के चलते वे कानून और व्यवस्था की परवाह नहीं कर रहे हैं।

नामा पटोले ने कहा कि एक महिला डॉक्टर और नर्सों के साथ कथित मारपीट की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। महाराष्ट्र महिलाओं के सम्मान की परंपरा वाला राज्य है, जहां सावित्रीबाई फुले और छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे महान व्यक्तित्वों ने सम्मान और न्याय के मूल्यों को स्थापित किया। आज सत्ता में बैठे लोगों का व्यवहार उन आदर्शों के विपरीत दिखाई दे रहा है।

पटोले ने यह भी दावा किया कि सत्ताधारी दल अपनी चुनावी जीत के नशे में चूर है और इसी कारण इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाएगी और सरकार से दोषियों के खिलाफ तत्काल एवं सख्त कार्रवाई की मांग करेगी।

वहीं, कांग्रेस नेता नसीम खान ने भी घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि सत्ता का अहंकार सत्तारूढ़ दल के जनप्रतिनिधियों के सिर चढ़कर बोल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक और नगरसेवक डॉक्टरों, वकीलों तथा अन्य पेशेवरों के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे हैं।

नसीम खान ने कहा कि जनता को न्याय दिलाने के बजाय अधिकारियों और चिकित्सा कर्मियों को निशाना बनाया जा रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। सत्ता के दुरुपयोग, कथित हमलों और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।

बता दें कि कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (केडीएमसी) के शास्त्रीनगर अस्पताल में एनआईसीयू बेड खाली न होने के कारण एक गर्भवती महिला को दूसरे अस्पताल में रेफर करने पर हंगामा हुआ। इस बात से नाराज होकर शिंदे गुट के पार्षद रमेश म्हात्रे और उनके समर्थकों ने ड्यूटी पर मौजूद महिला डॉक्टर, नर्स और अन्य मेडिकल स्टाफ के साथ बुरी तरह मारपीट की थी।

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