September 25, 2022
National Religion

ज्ञानवापी मामले का फैसला हिंदू पक्ष के हक में आया फैसला

वाराणसी, वाराणसी की अदालत ने सोमवार को कहा कि श्रृंगार गौरी में पूजा के लिए हिंदू याचिका विचारणीय थी और ज्ञानवापी परिसर में पूजा करने के अधिकार की मांग करने वाली पांच हिंदू महिलाओं की याचिका पर सुनवाई की जाएगी।

Sadhvi Prachi celebrates as the Uttar Pradesh Court rejected the Muslim side’s petition

 

याचिकाकर्ता सोहन लाल आर्य ने कहा, “मुस्लिम याचिकाकर्ता अपील में इलाहाबाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकते हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि वे केस लड़ना जारी रखेंगे। ये है मामले की समय-सीमा: 1998: अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया कि मंदिर-मस्जिद भूमि विवाद का फैसला दीवानी अदालत द्वारा नहीं किया जा सकता क्योंकि यह कानून द्वारा अनुमत नहीं था। हाईकोर्ट ने 22 साल के लिए कार्यवाही पर रोक लगा दी। वाराणसी कोर्ट के फैसले के बाद वकील हरिशंकर जैन ने कहा कि यह बहुत बड़ी जीत है, भव्य मंदिर बनने का रास्ता साफ हो गया है, आज की ही तरह हम आगे की लड़ाई भी

मामला हिंदू पक्ष में आने के बाद याचिकाकर्ता महिलाओं में जोश देखा गया. कोर्ट के बाहर मीडिया से बात करते हुए एक महिला याचिकाकर्ता ने अपनी खुशी का इजहार करते हुए कहा कि आज पूरा भारत खुश है. आज हम बस यही कहना चाहते हैं कि हमारे सभी हिंदू भाई बहन घरों में दिए जलाएं, ढोल नगाड़े बजाएं और हर हर महादेव का नारा लगाएं. उन्होंने हिंदू पक्ष के लिए बहुत बड़ी जीत बताते हुए कहा कि ये ज्ञानवापी मंदिर की आधारशिला है.

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