June 28, 2022
National

Home Ministry reconstitutes Standing Committee of Inter-State Council

गृह मंत्रालय (एमएचए) ने अपने 13 सदस्यों सहित अंतर-राज्य परिषद (इंटर-स्टेट काउंसिल) की स्थायी समिति का पुनर्गठन किया है।शुक्रवार को जारी एक गजट नोटिफिकेशन के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने अंतरराज्यीय परिषद सचिवालय की 9 अगस्त, 2019 की अधिसूचना और प्रधानमंत्री की मंजूरी के बाद यह कदम उठाया है। अंतरराज्यीय परिषद की स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अलावा, चार अतिरिक्त सदस्य – वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार और जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत परिषद में केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों में शामिल हैं।

इनके अलावा आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री नई समिति के सदस्य होंगे। गजट अधिसूचना के अनुसार, स्थायी समिति परिषद के विचारार्थ मामलों पर निरंतर परामर्श करेगी। यह केंद्र-राज्य संबंधों से जुड़े सभी मामलों को अंतर-राज्य परिषद में विचार के लिए उठाए जाने से पहले संसाधित करती है। समिति परिषद की सिफारिशों पर लिए गए निर्णयों के कार्यान्वयन की निगरानी भी करती है और अध्यक्ष या परिषद द्वारा संदर्भित किसी भी अन्य मामले पर विचार करती है।

सरकारिया आयोग की सिफारिश पर राष्ट्रपति के आदेश द्वारा 28 मई, 1990 को एक स्थायी निकाय के रूप में अंतर-राज्य परिषद की स्थापना की गई थी, जिसने यह भी सिफारिश की थी कि अनुच्छेद 263 के तहत अंतर-सरकारी परिषद (आईजीसी) नामक एक स्थायी अंतर-राज्य परिषद की स्थापना की जानी चाहिए। आयोग की इस सिफारिश के अनुसार, आईएससी की स्थापना की गई है। आईएससी का उद्देश्य राज्यों के बीच नीतियों, सामान्य हित के विषयों और विवादों पर चर्चा या जांच करना है।

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