August 10, 2022
National

पीएम मोदी ने देवघर इंटरनेशनल एयरपोर्ट और एम्स राष्ट्र को समर्पित किया, 16 हजार करोड़ की विकास परियोजनाओं का भी हुआ उद्घाटन

देवघर,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को झारखंड के देवघर में नवनिर्मित इंटरनेशनल एयरपोर्ट और देवघर एम्स राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने देवघर ने आयोजित एक शानदार कार्यक्रम में देवघर एयरपोर्ट से कोलकाता के लिए इंडिगो एयरलाइन्स की पहली फ्लाइट को उड़ान ध्वज प्रदान किया। प्रधानमंत्री ने झारखंड में हाईवे, रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण, गैस बॉटलिंग प्लांट सहित 16 हजार 800 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन-शिलान्यास किया।

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं झारखंड की तकदीर बदलेंगी। इनके जरिए सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास की सोच को साकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से इनसे झारखंड की आधुनिक कनेक्टिविटी, ऊर्जा, स्वास्थ्य, आस्था और पर्यटन को बहुत अधिक बल मिलेगा।

इस मौके पर मौजूद केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि झारखंड के दुमका, बोकारो और जमशेदपुर में भी एयरपोर्ट को जल्द ऑपरेशनल किया जायेगा। उन्होंने कहा कि यह हवाई चप्पल पहनने वालों की सुगम हवाई यात्रा की प्रधानमंत्री मोदी की परिकल्पना को जमीन पर उतारने की दिशा में ठोस कदम है। कार्यक्रम में झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, केंद्रीय राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी, सांसद निशिकांत दुबे भी मंच पर मौजूद रहे।

देवघर एयरपोर्ट झारखंड में रांची के बाद दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। पहले फेज में यहां से डोमेस्टिक फ्लाइट की सेवाएं शुरू की गयी हैं। इस एयरपोर्ट का निर्माण लगभग 400 करोड रुपए की लागत से किया गया है। इसमें 50 फीसदी अंशदान डीआरडीओ का है। जाहिर है, यह हवाई अड्डा सामरिक नजरिए से भी अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। एयरपोर्ट की इमारत पर यहां के विश्वप्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर की प्रतिकृति बनायी गयी है। इस पर ब्रास से पंचशूल बनाया गया है, जो दूर से ही दिखता है। ऐसा ही पंचशूल बाबा वैद्यनाथ मंदिर में भी है।

इस एयरपोर्ट का ऑनलाइन शिलान्यास 25 मई, 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। गौरतलब है कि देवघर में प्रतिवर्ष सावन में एक महीने तक विशाल श्रावणी मेले का आयोजन होता है, जिसमें बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों से प्रतिदिन करीब एक से डेढ़ लाख श्रद्धालु पहुंचते हैं। जाहिर है, मेले के पहले यहां से उड़ान सेवाएं शुरू होने से बाहर से आनेवाले श्रद्धालुओं पर काफी सहूलियत होगी।

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