August 19, 2026
National

ओबीसी वाले बयान पर एनडीए नेताओं ने राहुल गांधी को घेरा, कहा- देश में अराजकता फैलाना चाह रहे कांग्रेस नेता

NDA leaders cornered Rahul Gandhi over his remarks on OBCs, stating that the Congress leader aims to spread anarchy in the country.

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हाल ही में बयान दिया है कि ओबीसी समाज भी अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर गया तो सरकार को झुकना पड़ेगा। राहुल गांधी के इस बयान पर एनडीए के नेताओं ने प्रतिक्रियाएं दी।

राहुल गांधी के बयान पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर. पी. सिंह ने कहा, “सबसे पहली बात तो यह है कि ऐसा उनकी सरकार के समय नहीं हुआ था। ओबीसी आयोग का गठन मोदी सरकार ने ही किया था। पीएम मोदी ओबीसी समुदाय का बहुत ध्यान रखते हैं, वे खुद भी ओबीसी वर्ग से आते हैं। लेकिन अब राहुल गांधी यह नया फार्मूला लेकर आए हैं कि हम सब कुछ सड़कों पर करेंगे। इससे पता चलता है कि वे देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं।”

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा, “कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी लगातार लोगों को भड़काकर देश में अस्थिरता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछड़े समाज, महिला शक्ति, दलित भाइयों और पसमांदा मुसलमानों के उत्थान के लिए अभूतपूर्व काम हुए हैं। ऐसे काम जो पहले की किसी सरकार ने कभी नहीं किए। कांग्रेस पार्टी को बताना चाहिए कि उन्होंने अपने शासनकाल में पिछड़े समुदायों के लिए क्या किया?”

राहुल गांधी के ओबीसी पर दिए गए बयान पर शिवसेना की प्रवक्ता शायना एनसी ने कहा, “राहुल गांधी तुष्टिकरण की राजनीति क्यों करते हैं? वे ओबीसी समुदाय को उकसाते हैं और फिर कहते हैं कि सरकार को यह देखना चाहिए कि उनकी सुरक्षा कैसे की जाए। अगर आप सच में लोगों को सशक्त और सुरक्षित बनाना चाहते हैं, तो उन्हें आत्मनिर्भर बनाएं। एक सही विजन प्लान लेकर आएं। आप कब तक जाति और धर्म के आधार पर राजनीति करते रहेंगे?”

जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, “राहुल गांधी अब सिर्फ बयान देने वाले नेता के तौर पर ज्यादा नजर आ रहे हैं। उन्हें यह भी बताना चाहिए कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकारें थीं और अलग-अलग राज्यों में कांग्रेस या कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकारें सत्ता में थीं, तो उन छह दशकों के दौरान भारत सरकार में कितने ओबीसी सचिव थे?

राहुल गांधी के बयान पर भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “हम इसे एक राजनीतिक स्टंट मानते हैं। जिस तरह उन्होंने अपराधियों और असामाजिक तत्वों को लाकर दिल्ली में हालिया विरोध प्रदर्शन को हाईजैक करने की कोशिश की और जिस तरह उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर हंगामा किया, जिस तरह उन्होंने झारखंड में बच्चों पर अत्याचार किए और कैसे उन्होंने 70 सालों तक ओबीसी को दबाकर रखा, इसलिए, यह अच्छा है कि इसे एक राजनीतिक स्टंट के तौर पर किया जा रहा है।”

वंदे मातरम पर अली खटाना ने कहा, “लाखों लोगों को वंदे मातरम से ऊर्जा और प्रेरणा मिली। अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की लड़ाई के दौरान, जब माताओं ने आजादी के लिए अपने युवा बेटों को कुर्बान कर दिया, तो वंदे मातरम ही उनका आखिरी नारा और उनके होंठों पर रहने वाला गीत था।”

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