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ओडिशा में हीटवेव से निपटने की तैयारी, विशेष राहत केंद्र बनाने पर चल रहा विचार

Odisha prepares to tackle heatwave, plans underway to set up special relief centres

ओडिशा के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार गर्मियों के दौरान बढ़ते तापमान से निपटने के लिए राज्यभर में लू राहत केंद्र स्थापित करने पर विचार कर रही है। मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री सुरेश पुजारी ने इस नई पहल पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार चक्रवात और बाढ़ आश्रय केंद्रों की तर्ज पर विशेष हीटवेव राहत केंद्र स्थापित करने पर विचार कर रही है।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में एक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें ऐसे राहत केंद्रों के निर्माण को लेकर निर्णय लिया जा सकता है। इन केंद्रों पर भीषण गर्मी से प्रभावित लोगों, खासकर दोपहर के समय यात्रा करने वालों के लिए अस्थायी विश्राम, पीने के पानी और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

उन्होंने कहा, ”हम इसे इसी वर्ष से लागू करने का प्रयास कर रहे हैं। जिन क्षेत्रों में तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, वहां प्रमुख स्थानों पर ऐसे केंद्र स्थापित किए जा सकते हैं, ताकि लोग वहां शरण लेकर आराम कर सकें और तापमान कम होने पर यात्रा फिर से शुरू कर सकें।”

मंत्री ने आगे बताया कि यह पहल ओडिशा की व्यापक आपदा तैयारी रणनीति के तहत राज्य के उच्च तापमान वाले क्षेत्रों में धीरे-धीरे विस्तारित की जाएगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि देश के कुछ हिस्सों में ऐसे केंद्र पहले से ही बनाए जा चुके हैं।

राज्य की तैयारियों पर बोलते हुए पुजारी ने कहा कि ओडिशा के लिए हीटवेव कोई नई बात नहीं है, क्योंकि राज्य अक्सर कई प्राकृतिक आपदाओं जैसे मानसून के दौरान बाढ़, चक्रवात और गर्मियों में भीषण गर्मी का सामना करता है।

उन्होंने कहा कि राज्य के साथ-साथ पूरे देश में तापमान धीरे-धीरे बढ़ रहा है और सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकार ने पहले ही श्रमिकों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक बाहरी कार्यों पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं। खनन क्षेत्रों में कार्यस्थलों को ठंडा रखने के लिए स्प्रिंकलर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

राजस्व मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि दोपहर में माल ढुलाई और अन्य गतिविधियों में भी बदलाव किया जा रहा है। स्कूलों को समय में बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं और आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन इस तरह किया जा रहा है कि हीटवेव के दौरान बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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