लखनऊ/रायपुर, 4 अप्रैल। वक्फ संशोधन बिल बुधवार को लोकसभा में पेश हुआ। विपक्षी पार्टियां वक्फ संशोधन बिल का विरोध कर रही हैं। वहीं, भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए में शामिल दल इसका समर्थन कर रहे हैं। भाजपा नेताओं ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए बिल का समर्थन किया और विपक्षी दलों की आलोचना की।
विपक्ष के वक्फ संशोधन के बिल का विरोध करने पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आलोचना की। उन्होंने कहा, “विपक्ष का विरोध चाहे उसमें कांग्रेस, सपा या अन्य कोई राजनीतिक दल हो, वो निरर्थक है। इनके विरोध को देश का समर्थन प्राप्त नहीं है। पीएम मोदी की नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर देश को भरोसा है। देश के 140 करोड़ लोग पीएम मोदी पर भरोसा करते हैं। प्रधानमंत्री देश के हित को ध्यान में रखकर कार्य करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “तुष्टिकरण की राजनीति करने वाले और मुसलमानों को केवल अपना वोट बैंक बनाकर रखने वाले कभी भाजपा और पीएम मोदी के नाम पर भय दिखाकर राजनीति करते हैं, जो अब फेल होने वाली है। अब देश मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति से बाहर निकल चुका है, विपक्षियों को इसका कोई लाभ नहीं मिलने वाला है। बिल का विरोध करने वाले लोग देश को 75 साल पीछे ले जाने का प्रयास कर रहे हैं।”
समाजवादी पार्टी के मुखिया एवं लोकसभा सांसद अखिलेश यादव के सरकार पर नाकामी से बचने के लिए वक्फ संशोधन बिल लाने के आरोप पर केशव प्रसाद मौर्य ने निशाना साधा। उन्होंने कहा, कांग्रेस और बाकी क्षेत्रीय दलों के बीच मुस्लिम वोट बैंक की लड़ाई है। वह भाजपा का खौफ दिखाकर काफी वोट प्राप्त कर चुके हैं। लेकिन, अब मुसलमानों का वोट पाना उनके लिए संभव नहीं होगा। वक्फ संशोधन बिल से जिनके पेट में दर्द है, उन्हें बदहजमी की दवा लेनी चाहिए।”
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आईएएनएस से कहा, “वक्फ संशोधन बिल को लोकसभा में पेश करना स्वागत योग्य है। इसे जरूर पास होना चाहिए।”
बता दें कि केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश किया। बिल को सदन में पेश करते ही विपक्षी दलों ने विरोध शुरू कर दिया।