May 5, 2026
National

कुशीनगर में राजकीय नर्सिंग कॉलेज की स्थापना का मार्ग प्रशस्त

Paving the way for the establishment of a Government Nursing College in Kushinagar

5 मई । तथागत बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में राजकीय नर्सिंग कॉलेज की स्थापना का मार्ग सोमवार को प्रशस्त हो गया। योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना के लिए कुशीनगर के मेडिकल कॉलेज (स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय) के बगल में स्थित सीलिंग भूमि में से 0.405 हेक्टेयर भूमि चिकित्सा शिक्षा विभाग को निशुल्क हस्तांतरित करने को मंजूरी मिल गई है।

केंद्र-सहायतित योजना के तहत भारत सरकार ने प्रदेश को 27 नर्सिंग कॉलेज आवंटित किए हैं। इन नर्सिंग कॉलेजों में जनपद कुशीनगर भी शामिल है। केंद्र सरकार की तरफ से प्रति नर्सिंग कॉलेज की लागत 10 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसमें 60 प्रतिशत केंद्र का अंश होगा, जबकि 40 प्रतिशत राज्यांश है। कुशीनगर में राजकीय नर्सिंग कॉलेज की स्थापना के लिए पडरौना तहसील के मौजा रामपुर में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) के बगल में 1.054 हेक्टेयर सीलिंग भूमि में से 0.405 हेक्टेयर भूमि का निशुल्क हस्तांतरण होना था। यह भूमि पडरौना-कुबेरस्थान मुख्य मार्ग से 500 मीटर दक्षिण में स्थित है।

राजकीय नर्सिंग कॉलेज को निशुल्क भूमि हस्तांतरण के लिए प्रदेश कैबिनेट ने सोमवार को मंजूरी दे दी। कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में राजकीय नर्सिंग कॉलेज की स्थापना से उच्च स्तरीय चिकित्सा में सहायता तो मिलेगी ही, स्थानीय स्तर पर रोजगार का भी सृजन होगा। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार और गुणवत्ता सुधार की दिशा में योगी सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

राज्य सरकार ने फिरोजाबाद में प्रस्तावित अमरदीप विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए आशय पत्र जारी किया है, जबकि नोएडा स्थित मेट्रो विश्वविद्यालय को संचालन की अनुमति प्रदान की गई है। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने मंत्रिपरिषद के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य उच्च शिक्षा को अंतिम पायदान तक सरल, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनाना है।

उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक जिले में उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर शैक्षणिक अवसर प्राप्त हो सकें। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 तथा उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (स्थापना) नियमावली, 2021 के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों का मूल्यांकन उच्च स्तरीय समिति द्वारा किया जाता है, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव द्वारा की जाती है। समिति की संस्तुति के आधार पर ही आशय पत्र जारी किया जाता है।

मंत्री के अनुसार, 29 जुलाई 2025 को सम्पन्न उच्च स्तरीय समिति की बैठक में फिरोजाबाद जनपद के ग्राम पचवान स्थित 20.08 एकड़ भूमि पर अमरदीप विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रस्ताव को अनुमोदित करते हुए आशय पत्र निर्गत करने की संस्तुति की गई थी। नियमानुसार विश्वविद्यालय स्थापना के लिए न्यूनतम 20 एकड़ भूमि होना अनिवार्य है, जिसे संबंधित ट्रस्ट द्वारा पूरा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि आशय पत्र जारी होने के साथ ही विश्वविद्यालय स्थापना की औपचारिक प्रक्रिया प्रारंभ हो सकेगी, जिससे क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए अवसर सृजित होंगे।

इस बीच, सोमवार को मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने अपने आवास पर नोएडा में प्रस्तावित मेट्रो विश्वविद्यालय को संचालन के लिए आवश्यक अनुमति पत्र प्रदान किया। इस निर्णय से राज्य में निजी क्षेत्र के माध्यम से उच्च शिक्षा के विस्तार को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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