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पीएसएचआरसी ने बीएसएफ जवान की हिरासत में मौत का स्वतः संज्ञान लिया

PSHRC takes suo motu cognizance of custodial death of BSF jawan

चंडीगढ़ स्थित पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग (पीएसएचआरसी) ने अमृतसर में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की हिरासत में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक जवान की कथित हिरासत में हुई मौत का स्वतः संज्ञान लिया है। मृतक की पहचान जसविंदर सिंह के रूप में हुई है, जिसे 3 मार्च को मीरान साहिब के बिल्लोल पुल के पास नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा हिरासत में लिया गया था। आरोप है कि उसे लगभग 17 दिनों तक यातनाएं दी गईं, जिसके परिणामस्वरूप अंततः उसकी मृत्यु हो गई।

उन्हें जम्मू से अमृतसर लाया जा रहा था तभी उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें यहां एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां 21 मार्च को उनका निधन हो गया। इस घटना के बाद जम्मू में परिवार और रिश्तेदारों ने कड़ा विरोध प्रदर्शन किया, जिसके परिणामस्वरूप अंततः वहां एनसीबी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

इन आरोपों का संज्ञान लेते हुए आयोग ने एनसीबी के जोनल डायरेक्टर, जिला मजिस्ट्रेट और अमृतसर के पुलिस कमिश्नर से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसमें विशेष रूप से न्यायिक जांच रिपोर्ट, पोस्टमार्टम के निष्कर्ष, वीडियोग्राफी, हिरासत के दौरान चिकित्सा उपचार के रिकॉर्ड और मृत्यु के सटीक कारण के संबंध में डॉक्टरों के एक बोर्ड की राय की मांग की गई है।

आयोग ने जांच अधिकारी को अगली सुनवाई की तारीख पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने और यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है कि सभी प्रासंगिक दस्तावेज रिकॉर्ड में रखे जाएं। इसके अतिरिक्त, अमृतसर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश से अनुरोध किया गया है कि वे जांच रिपोर्ट को जल्द से जल्द प्रस्तुत करें।

पीड़ित के परिवार ने मृत्यु से जुड़े हालातों पर गंभीर चिंता जताई है। उसकी मां ने आरोप लगाया है कि हिरासत के दौरान उसे अपने बेटे से मिलने नहीं दिया गया और बाद में अचानक उसकी मृत्यु की सूचना दी गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी में उसके शरीर पर चोट के निशान साफ ​​दिखाई दे रहे थे।

संबंधित अधिकारियों को अगली सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले आवश्यक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।

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