चल रही गर्मी के मौसम और आगामी धान की खेती के मौसम के दौरान बिजली की बढ़ती मांग के मद्देनजर, पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) ने राज्य में ग्रिड से जुड़े सौर फोटोवोल्टिक (पीवी) परियोजनाओं से 250 मेगावाट सौर ऊर्जा प्राप्त करने के लिए एक निविदा जारी की है।
हालांकि, केवल 50 मेगावाट की न्यूनतम क्षमता वाली परियोजनाएं ही पात्र होंगी, जबकि बोलीदाताओं को पंजाब में कई स्थानों पर परियोजनाएं प्रस्तावित करने की अनुमति होगी। किसी एक बोलीदाता द्वारा उद्धृत कुल संचयी क्षमता 125 मेगावाट से अधिक नहीं हो सकती।
पीएसपीसीएल ने स्पष्ट किया है कि केवल पीएसपीसीएल/पीएसटीसीएल ग्रिड से जुड़े अंतर-राज्यीय परियोजनाएं ही बोली प्रक्रिया के अंतर्गत पात्र होंगी।
कंपनी ने 28 मई, 2026 तक खुली बोलियां आमंत्रित की हैं, जबकि तकनीकी-वाणिज्यिक बोलियां 1 जून, 2026 को खोली जाएंगी।
इच्छुक बोलीदाताओं को निविदा दस्तावेज शुल्क के रूप में 29,500 रुपये और प्रसंस्करण शुल्क के रूप में 3.54 लाख रुपये जमा करने होंगे। इसके अतिरिक्त, भाग लेने वाली कंपनियों के लिए 10 लाख रुपये प्रति मेगावाट की बयाना राशि (ईएमडी) भी निर्धारित की गई है।
सफल बोलीदाताओं को बिजली आपूर्ति की निर्धारित प्रारंभ तिथि से 25 वर्षों की अवधि के लिए पीएसपीसीएल के साथ बिजली खरीद समझौता (पीपीए) पर हस्ताक्षर करने होंगे।
निविदा में यह भी निर्दिष्ट किया गया है कि परियोजनाओं में उपयोग किए जाने वाले सौर पीवी मॉड्यूल और सेल केवल नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की अधिकृत सूची के तहत अनुमोदित निर्माताओं और मॉडलों से ही खरीदे जाने चाहिए।
इस कदम का उद्देश्य पंजाब की बिजली आपूर्ति प्रणाली को मजबूत करना और धान की उच्च मांग वाले मौसम के दौरान पारंपरिक बिजली स्रोतों पर दबाव को कम करना है, जब कृषि कार्यों के कारण बिजली की खपत में तेजी से वृद्धि होती है।

