केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक टीम ने सोमवार देर रात मुक्तसर जिले के मलोट कस्बे के वार्ड नंबर 4 में भारतीय जनता युवा मोर्चा (बीजेवाईएम) के नेता राघव गोयल के आवास पर छापा मारा। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई मोहाली स्थित सतर्कता ब्यूरो मुख्यालय पर हुई छापेमारी से संबंधित है।
खबरों के मुताबिक, राघव को रिश्वतखोरी के एक मामले में चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।
मलौत के आवास पर छापेमारी रात करीब 12.45 बजे तक जारी रही। इस दौरान कुछ भाजपा कार्यकर्ता घर के बाहर जमा हो गए थे।
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई की टीम ने परिसर से कुछ दस्तावेज और 5 लाख रुपये नकद जब्त किए।
सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान राघव और उनके पिता विकास गोयल दोनों ही घर पर मौजूद नहीं थे। बताया जाता है कि यह परिवार पंजाब कैडर के एक सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी से जुड़ा हुआ है।
यह परिवार सिविल निर्माण कार्यों के ठेकेदारी में शामिल है, जिसमें नाली सफाई परियोजनाएं भी शामिल हैं।
सूत्रों ने यह भी दावा किया कि राघव के राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से संबंध हैं। उनके फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट की गई तस्वीरों में उन्हें कई केंद्रीय मंत्रियों के साथ देखा जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार, “राघव पिछले लगभग पांच वर्षों में दिल्ली और चंडीगढ़ में राजनीतिक रूप से सक्रिय हो गए थे, लेकिन मलोट में उनकी गतिविधियां सीमित थीं।”
घर के बाहर मौजूद कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने बताया कि राघव की दादी थोड़ी देर के लिए घर से बाहर आईं और चिंतित दिखीं, लेकिन उन्होंने बताया कि परिवार के सदस्य सुरक्षित हैं।
एक भाजपा नेता ने दावा किया कि राघव और विकास गोयल के फोन पहले तो बजे लेकिन बाद में बंद हो गए।

