September 27, 2022
National Punjab

अटारी-वाघा बॉर्डर पर 2 साल बाद हुए बीटिंग र्रिटीट समारोह में दिखा विशेष उत्साह

अमृतसर, पंजाब के पवित्र शहर अमृतसर के अटारी बॉर्डर पर सोमवार को धूमधाम से स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। इस दौरान सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र अटारी-वाघा बॉर्डर पर प्रतिष्ठित समारोह रहा, जो कि कोरोना महामारी के बाद दो साल बाद आयोजित हुआ। महामारी के कारण दो साल के अंतराल के बाद सोमवार को हुए भव्य समारोह को देखने के लिए हजारों लोग उमड़ पड़े, जिसमें विदेशी लोग भी शामिल रहे।

इस बार अटारी-वाघा सीमा पर ध्वजारोहण और औपचारिक एक्सरसाइज सहित बीटिंग र्रिटीट समारोह विशेष रहा, क्योंकि भारत ने 75वां स्वतंत्रता दिवस मनाया।अटारी-वाघा बॉर्डर पर बीटिंग र्रिटीट सेरेमनी के दौरान सेना के जवानों का जोश देखने लायक रहता है। इससे बॉर्डर पर भारत-पाकिस्तान के जवानों के शौर्य प्रदर्शन होता है। यहां दोनों देशों के राष्ट्रीय झंडे शाम ढलने से पहले उतारे जाते हैं। सेना की बैरक वापसी के प्रतीक में यह परंपरा है। र्रिटीट समारोह 1959 से हो रहा है।

इसमें भारत और पाकिस्तान दोनों के सीमा बलों – सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और पाकिस्तान रेंजर्स – ने दोनों सेनाओं के बीच पारंपरिक सौहार्द को चिह्न्ति करने के लिए मिठाइयों और शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया।एक दिन पहले, दोनों देशों के सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस को चिह्न्ति करने के लिए अटारी-वाघा क्रॉसिंग पर मिठाइयों का आदान-प्रदान किया था।

भारत के 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, बीएसएफ ने भारत और पाकिस्तान सीमा की शून्य रेखा के करीब समारोह को चिह्न्ति करने के लिए देशभक्ति कार्यक्रमों को देखने के लिए आगंतुकों के लिए विस्तृत व्यवस्था की थी, जो विभाजन की भयावहता का गवाह था।30 मिनट के समारोह शुरू होने से पहले, महिलाओं और बच्चों ने पंजाबी गायक जसविंदर जस्सी के कुछ देशभक्ति गीतों पर नृत्य किया।

बीटिंग र्रिटीट समारोह से ठीक पहले अटारी-वाघा सीमा पर बड़ी भीड़ जमा हो गई, देशभक्ति के गीत गाए, नृत्य किया और भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराया। संयुक्त चेक पोस्ट (जेसीपी), जिसमें ध्वजारोहण समारोह को देखने के लिए लगभग 25,000 दर्शकों को समायोजित करने की क्षमता वाली एक गैलरी शामिल है, मार्च 2020 के पहले सप्ताह में दर्शकों के लिए बंद कर दी गई थी।

बीएसएफ ने पिछले साल सितंबर में डेढ़ साल से अधिक समय के बाद 300 के सीमित दर्शकों के साथ सार्वजनिक दर्शन के लिए समारोह को फिर से शुरू किया। जेसीपी गैलरी में प्रवेश पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर है।दिल्ली की एक छात्रा नेहा दुबे, जो अपने 15 सहपाठियों के साथ यहां आई थी, नेहा दुबे ने कहा, हम दिल्ली से विशेष रूप से आजादी का अमृत महोत्सव मनाने के लिए र्रिटीट समारोह देखने आए हैं।

उसकी सहेली मोनिका हांडा ने कहा, हम यहां चार घंटे पहले पहुंच गए, इसलिए हम गैलरी में प्रवेश करने में कामयाब रहे। कार्यक्रम स्थल के बाहर भारी भीड़ है। मैंने अपने जीवन में देशभक्ति की ऐसी आवेशित भावना कभी नहीं देखी है।अटारी-वाघा संयुक्त चेक पोस्ट अमृतसर से लगभग 30 किमी दूर है, जबकि यह पाकिस्तान में लाहौर से 22 किमी दूर है।दोनों पक्षों के सीमा रक्षक आमतौर पर दिवाली और ईद के साथ-साथ स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस समारोह जैसे विशेष अवसरों पर मिठाइयों का आदान-प्रदान करते हैं।

भारत ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पार संघर्ष विराम उल्लंघन की बढ़ती घटनाओं को लेकर 2019 में परंपरा को छोड़ने का विकल्प चुना था।सितंबर 2016 में सीमा पार भारतीय बलों द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक के बाद, बीएसएफ ने पाकिस्तान रेंजर्स को मिठाई नहीं दी

स्वतंत्रता दिवस पर बीएसएफ और पाकिस्तान रेंजर्स ने मिठाईयों का आदान प्रदान किया
Border Security Force (BSF) personnel exchange sweets with Pak Rangers during the 76th Independence Day of India, at the India-Pakistan Attari-Wagah border, Monday, Aug 15, 2022.

 

भारत के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और पाकिस्तान रेंजर्स ने भारत-पाकिस्तान की अलग अलग अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक दूसरे से मिठाईयों का आदान प्रदान किया। इस मौके पर पाकिस्तानी जवानों ने बीएसएफ के जवानों को आजादी के जश्न की शुभकामनाएं भी दी। बीएसएफ की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक पंजाब के अटारी-वाघा सीमा समेत कई और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ और पाकिस्तान रेंजर्स ने सोमवार को एक दूसरे को मिठाई दी। ये छोटे छोटे कार्यक्रम भारत के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारत और पाकिस्तान की अलग अलग अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आयोजित किए गए। इस खास मौके पर भारत और पाकिस्तान की सीमा पर तैनात रहने वाले कई अधिकारी और जवान मौजूद थे। देश की आजादी के जश्न के मौके पर बीएसएफ की तरफ से पाकिस्तान रेंजर्स को मिठाई दी गई और दोनों ने एक दूसरे को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं प्रदान की।

आजादी के जश्न के बीच इस खास मौके पर दोनों तरफ से जवानों ने एक दूसरे से हाथ मिलाकर तस्वीरें भी खिंचवाई। बीएसएफ ने बताया कि इस तरह के कई कार्यक्रम भारत पाकिस्तान की अलग अलग अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आयोजित किए गए।

गौरतलब है कि ये परंपरा आजादी के बाद से ही दोनों देशों के बीच चली आ रही है। मगर कोरोनकाल और कई बार सीमा पर तनाव बढ़ने की वजह से ये परंपरा टूटी भी है। कल भी इसी तरह से पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दोनों देशों के जवानों ने एक दूसरे से मिठाई और शुभकामनाओं का आदान प्रदान किया था।

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