June 4, 2026
Punjab

सेना के स्कूलों में पंजाबी भाषा का मुद्दा: सीचेवाल ने रक्षा और शिक्षा मंत्रियों को पत्र लिखा

Punjabi language issue in Army schools: Sidhu writes to Defence and Education Ministers

राज्यसभा सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल ने पंजाब के आर्मी स्कूलों में पंजाबी को अनिवार्य विषय के रूप में न पढ़ाए जाने के मुद्दे का गंभीर संज्ञान लिया है और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखे हैं।

अपने पत्रों में उन्होंने कहा कि पंजाब एक संवेदनशील सीमावर्ती राज्य है और भाषा एवं संस्कृति से संबंधित किसी भी नए प्रयोग से बचना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पंजाबी को मातृभाषा के रूप में मान्यता देने का मुद्दा अत्यंत संवेदनशील है और पंजाब के लोगों की भावनाओं एवं पहचान से गहराई से जुड़ा हुआ है।

सीचेवाल ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा देने और उन्हें प्राथमिकता देने की वकालत करती है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड इस मामले में नीति की भावना की अनदेखी कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि यह स्थिति पंजाब भाषा (संशोधन) अधिनियम, 2008 की भावना और प्रावधानों के विपरीत है।

चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत, पंजाबी पढ़ने के इच्छुक छात्रों को भी संस्कृत को अनिवार्य विषय के रूप में चुनने की सलाह दी जा रही है। उनके अनुसार, इससे छात्रों और अभिभावकों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। पंजाब की जनता की ओर से सीचेवाल ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि राज्य भर के सभी आर्मी स्कूलों में कक्षा 1 से 10 तक पंजाबी को अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाया जाए।

अपने पत्र में उन्होंने उल्लेख किया कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है जहाँ पंजाबी भाषा की गरिमा की रक्षा और उसे बनाए रखने के लिए अतीत में अनेक आंदोलन और संघर्ष हुए हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पंजाब की मांगों से संबंधित विभिन्न आंदोलनों के दौरान पंजाबी भाषा और पंजाबी भाषी क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे प्रमुख चिंताओं में से थे। इसलिए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भाषा संबंधी मामलों को अत्यंत संवेदनशीलता और गंभीरता से निपटाया जाना चाहिए।

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