23 जुलाई । बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने गुरुवार को कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार संसद में नीट और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन विपक्ष जानबूझकर बहस से बच रहा है और छात्रों के आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहा है।
पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में संजय सरावगी ने कहा कि यह समय छात्रों की समस्याओं का समाधान निकालने का है, न कि उन पर राजनीति करने का। उन्होंने कहा कि सरकार संसद में किसी भी नियम के तहत और जितनी देर तक चर्चा करनी हो, उसके लिए तैयार है। यदि विपक्ष के पास कोई ठोस सुझाव है तो उसे सदन में रखना चाहिए, लेकिन संसद की कार्यवाही बाधित कर देश का समय और संसाधन बर्बाद करना उचित नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की मंशा समाधान खोजने की नहीं, बल्कि भ्रम और अस्थिरता का माहौल तैयार करने की है। उनके अनुसार विपक्ष युवाओं की भावनाओं का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर हैं।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने, मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने तथा फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन के निर्देश दिए हैं। उनका कहना था कि सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
सरावगी ने कहा कि पेपर लीक कोई नई समस्या नहीं है और कांग्रेस के शासनकाल में भी कई परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए थे। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए सख्त कानून बनाए हैं, कई आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और हाल के समय में कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं बिना किसी लीक के सफलतापूर्वक आयोजित की गई हैं।
उन्होंने कहा कि विपक्ष की राजनीति अब विचारों और नीतियों की नहीं, बल्कि ‘अफवाह, अविश्वास और अवसरवाद’ की राजनीति बन गई है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास न कोई विजन है, न कोई समाधान और न ही युवाओं के भविष्य को लेकर कोई सकारात्मक एजेंडा। उनका एकमात्र उद्देश्य हर मुद्दे पर सनसनी फैलाकर राजनीतिक लाभ लेना है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि यूपीए सरकार की तुलना में वर्तमान सरकार ने शिक्षा के बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की है। पटना में छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा का उल्लेख करते हुए सरावगी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल कई लोग छात्र नहीं, बल्कि राजनीतिक संरक्षण प्राप्त असामाजिक तत्व थे। उन्होंने कहा कि पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


Leave feedback about this