August 31, 2026
Entertainment

विवादों में समय रैना: कश्मीरी पंडितों और नेताओं ने जताई नाराजगी, बोले- संवेदनशील मुद्दों को मजाक न बनाया जाए

Raina embroiled in controversy: Kashmiri Pandits and leaders express displeasure, say sensitive issues should not be made a joke.

कॉमेडियन समय रैना के शो में कश्मीरी पंडितों और बिहारियों को लेकर की गई कथित टिप्पणियों पर विवाद बढ़ता जा रहा है। जम्मू-कश्मीर के कश्मीरी पंडित से लेकर भाजपा और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने इस पर अपनी राय रखी। कश्मीरी पंडित ने समय रैना को कलाकार बताते हुए उनके बयान को अलग संदर्भ में देखने की बात कही, वहीं भाजपा नेताओं ने संवेदनशील समुदायों के कथित मजाक को गंभीरता से लेने और सख्त कार्रवाई की मांग की।

जम्मू में एक कश्मीरी पंडित ने समय रैना को लेकर कहा कि वह एक कॉमेडियन हैं और कलाकारों के बोलने का अंदाज सामान्य लोगों से अलग हो सकता है। किसी कॉमेडियन की बात को लोग अलग-अलग तरीके से समझ सकते हैं। रैना को एक अच्छा कलाकार बताते हुए उन्होंने सलाह दी कि उन्हें राजनीतिक स्टंट से बचना चाहिए।

कश्मीरी पंडित ने 1990 के दशक में कश्मीरी पंडितों के विस्थापन का जिक्र करते हुए कहा कि यह केवल पलायन नहीं था, उन्हें विस्थापित कराया गया। समय रैना ने अपनी टिप्पणी किस संदर्भ में की और उसका क्या अर्थ था, यह वही बेहतर जानते हैं। विस्थापन की पीड़ा को कभी-कभी कोई व्यक्ति अलग तरीके से व्यक्त कर सकता है। ऐसे में बयान को सकारात्मक या नकारात्मक तरीके से लेने का फैसला सुनने वाले पर भी निर्भर करता है।

मुंबई में भाजपा विधायक राम कदम ने समय रैना की टिप्पणियों पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि समाज में कुछ लोग केवल प्रसिद्धि हासिल करने के लिए जानबूझकर विवादित बयान देते हैं। पहले विवादित टिप्पणी की जाती है और बाद में माफी मांग ली जाती है, लेकिन इस बीच संबंधित व्यक्ति को बड़े स्तर पर प्रचार मिल जाता है। सनातन हिंदू धर्म, हिंदू देवी-देवताओं या कश्मीरी पंडितों जैसे संवेदनशील विषयों को मजाक का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने ऐसे मामलों में सख्त कानून और कुछ अवधि के लिए प्रतिबंध लगाने जैसे कदमों की मांग की।

भाजपा विधायक ने कहा कि यदि जानबूझकर किसी समुदाय या धार्मिक भावना का मजाक उड़ाकर प्रचार हासिल करने की कोशिश की जाती है, तो ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक जरूरी है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने भी समय रैना की टिप्पणियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कॉमेडी करते समय यह नहीं भूलना चाहिए कि व्यक्ति भारत का नागरिक है और भारत एक संवेदनशील देश है। कश्मीरी पंडितों ने बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना किया है। किसी जाति या वर्ग का उपहास उड़ाना उचित नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि इस तरह की टिप्पणियां जारी रहीं तो कोई व्यक्ति कानूनी रास्ता अपनाकर अदालत में मामला ले जा सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि समय रैना जल्द ही इस संवेदनशीलता को समझेंगे और भविष्य में इस तरह की टिप्पणियों से बचेंगे।

मुंबई में समाजवादी पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष यूसुफ अब्राहनी ने भी कथित टिप्पणियों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि देश में ऐसे कानून मौजूद हैं, जिनके तहत किसी दूसरी जाति, वर्ग या व्यक्ति का अपमान करने वाली टिप्पणियों पर कार्रवाई हो सकती है। हेट स्पीच या किसी समुदाय का मजाक उड़ाने से समाज में नाराजगी और नफरत बढ़ती है। इससे लोगों के बीच विभाजन पैदा होता है। इसलिए उन्होंने ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग की, ताकि भविष्य में दूसरे लोग भी इस तरह की टिप्पणियां करने से बचें।

उन्होंने कश्मीरी पंडितों और बिहार से जुड़े लोगों की परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके प्रति सहानुभूति और सम्मान होना चाहिए, न कि उनका मजाक बनाया जाना चाहिए।

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