July 17, 2026
National

राजस्थान: सीएम भजनलाल शर्मा ने मानसून तैयारियों को लेकर दिए सख्त निर्देश, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी

Rajasthan: CM Bhajanlal Sharma issues strict directives regarding monsoon preparations; warns of action against negligence.

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मानसून के दौरान सभी विभागों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि तैयारियों या राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भारी बारिश, जलभराव या क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के कारण लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

गुरुवार को मानसून की तैयारियों और बारिश के बाद सड़कों की मरम्मत को लेकर आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बारिश के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों की तुरंत मरम्मत के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए और जरूरी एहतियाती कदम पहले से उठाए जाएं।

उन्होंने राज्यभर में नालों की 100 प्रतिशत सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि बारिश का पानी आसानी से निकल सके और ओवरफ्लो होने के कारण सड़कों को नुकसान न पहुंचे। साथ ही सरकारी भवनों की छतों पर बने जल निकासी तंत्र की भी सफाई करने को कहा गया, ताकि भारी बारिश के दौरान जलभराव और भवनों को नुकसान से बचाया जा सके।

जनस्वास्थ्य पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को मानसून के दौरान फैलने वाली मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडार रखने, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को पूरी तरह तैयार रखने और जलजनित तथा मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के उपाय मजबूत करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) पूरी तरह सक्रिय और जवाबदेह बने रहें। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही के लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा और दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में आपदा एवं बाढ़ प्रबंधन, बांधों में जल भंडारण की स्थिति तथा बारिश से क्षतिग्रस्त सार्वजनिक संपत्तियों की मरम्मत की भी समीक्षा की गई। जल संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी पेयजल बांधों की विस्तृत सूची तैयार करने और अतिरिक्त वर्षा जल के अधिकतम उपयोग के लिए दीर्घकालिक रणनीति बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि वर्षा जल को व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए और भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अतिरिक्त पानी के प्रभावी उपयोग की योजना बनाई जानी चाहिए। बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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