August 13, 2026
National

संसद को सुचारू रूप से चलाना सरकार के साथ-साथ विपक्ष की भी जिम्मेदारी: रिजु दत्ता

Running Parliament smoothly is the responsibility of the Opposition as well as the government: Riju Dutta

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व प्रवक्ता रिजु दत्ता ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए जुबानी हमला किया। उन्होंने कहा कि संसद को सुचारु रुप से चलाना सरकार के साथ-साथ विपक्ष की भी जिम्मेदारी है। इसके साथ ही, उन्होंने टीएमसी की संगठनात्मक स्थिति और अभिषेक बनर्जी की अमेरिका यात्रा को लेकर सवाल उठाए।

रिजु दत्ता ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि सदन विपक्ष का भी है और जिस तरह सरकार की जिम्मेदारी होती है, उसी तरह विपक्ष की भी जिम्मेदारी होती है कि सदन की कार्यवाही चल सके। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संसद में आकर जवाब देने की मांग कर रहा था, लेकिन जब गृह मंत्री सदन में आकर सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं, तो विपक्ष उन्हें सुनने के लिए तैयार नहीं है।

विपक्ष के रवैये को लेकर उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला ‘नौटंकी और तमाशा’ बन गया है। उन्होंने कहा कि संसद चलाने में टैक्सपेयर्स के करीब 9 करोड़ रुपए प्रतिदिन खर्च होते हैं और विपक्षी नेताओं को इस खर्च का ध्यान रखना चाहिए। विपक्षी नेता सदन के भीतर चर्चा करने के बजाय संसद परिसर में प्रदर्शन कर रहे हैं और कार्यवाही बाधित कर रहे हैं। लोकतंत्र में सरकार के साथ-साथ विपक्ष की भी जवाबदेही होती है। विपक्ष का रवैया देश और जनता के प्रति जिम्मेदार नहीं है। संसद में विपक्ष को अपने मुद्दे उठाने चाहिए, सरकार से सवाल पूछने चाहिए और जवाब मांगने चाहिए, लेकिन सदन की कार्यवाही को लगातार बाधित करना किसी समस्या का समाधान नहीं है। संसद परिसर में किए जा रहे विरोध-प्रदर्शन को सर्कस बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे जनता के पैसे का नुकसान होता है।

लोकसभा स्पीकर से टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की मुलाकात को लेकर रिजु दत्ता ने कहा कि स्पीकर से मिलना उनका अधिकार है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन से जुड़े मामलों में स्पीकर का निर्णय महत्वपूर्ण और अंतिम होता है। दत्ता ने दावा किया कि उन्हें उम्मीद है कि इसी महीने ऋतब्रत बंद्योपाध्याय और उनके गुट को तृणमूल कांग्रेस का चुनाव चिह्न मिल सकता है। पार्टी के 20 सांसदों को उनका योग्य सम्मान मिलना ही चाहिए।

रिजु दत्ता ने तृणमूल कांग्रेस के संगठनात्मक स्वरूप को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में ऋतब्रत बंद्योपाध्याय और उनके साथ मौजूद पूरा समूह ही तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करता है। यह तथ्य है कि तृणमूल कांग्रेस की स्थापना ममता बनर्जी ने की थी, लेकिन चुनावी राजनीति में संख्या का महत्व सर्वोपरि होता है। 80 में से 65 विधायक, करीब 90 फीसदी पार्षद और राज्य के विभिन्न पदों पर रहे कई लोग ऋतब्रत बंद्योपाध्याय के साथ चले गए हैं।

इसी आधार पर रिजु दत्ता ने दावा किया कि पार्टी के चुनाव चिह्न पर दावा करने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत बंद्योपाध्याय के पक्ष में है। ऐसी स्थिति में असली और नकली की बहस में जाने की जरूरत नहीं है और मौजूदा संख्या के आधार पर पार्टी की पहचान तय होनी चाहिए।

टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की अमेरिका यात्रा पर सवाल उठाते हुए रिजु दत्ता ने कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को सितंबर में तीन सप्ताह के लिए अमेरिका जाने की अनुमति दी है, तो अदालत के इस फैसले के खिलाफ टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। हालांकि, एक तरफ ममता बनर्जी लगातार सड़कों पर उतरकर राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा ले रही हैं, वहीं दूसरी ओर अभिषेक बनर्जी के विदेश जाने को लेकर सवाल खड़े होते हैं।

रिजु दत्ता ने दावा किया कि अभिषेक बनर्जी को अमेरिका जाने की अनुमति देते समय कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। उन्हें अपना डिप्लोमेटिक पासपोर्ट जमा रखना होगा और पूरी यात्रा का विवरण, जिसमें वापसी का टिकट भी शामिल है, देना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस बात को लेकर निश्चित नहीं हैं कि अभिषेक बनर्जी यात्रा के बाद वापस लौटेंगे या नहीं। मेहुल चोकसी और विजय माल्या का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वे भी अदालत की अनुमति लेकर विदेश गए थे और बाद में वापस नहीं लौटे। यदि अभिषेक बनर्जी अमेरिका जाने के बाद वापस लौटते हैं तो कोई सवाल नहीं उठता, लेकिन यदि वह वापस नहीं लौटते हैं तो ऐसी स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होगी, यह सवाल जरूर खड़ा होगा।

Leave feedback about this

  • Service