दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में एक बहुमंजिला इमारत के गिरने के बाद दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने उससे सटी दूसरी बिल्डिंग को गिराने का आदेश दिया है।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने डीएमसी एक्ट की धारा 348 के तहत सत्य निकेतन में मकान नंबर-13 को खतरनाक और जर्जर घोषित करते हुए उसे गिराने का आदेश जारी किया है। एमसीडी की ओर से जारी नोटिस के अनुसार, बिल्डिंग के मालिक को आदेश मिलने के तीन दिनों के भीतर प्रॉपर्टी को गिराने का निर्देश दिया गया है। एमसीडी ने चेतावनी दी है कि अगर आदेश का पालन नहीं किया गया, तो वह खुद इसे गिरा देगी और इसमें होने वाले खर्च को प्रॉपर्टी टैक्स के बकाया के तौर पर वसूलेगी।
नोटिस में कहा गया है कि नई दिल्ली के सत्य निकेतन में बिल्डिंग/मकान नंबर-13 में लोग रह रहे थे और यह जगह ‘जर्जर और खतरनाक हालत’ में पाई गई। इसमें यह भी कहा गया कि बिल्डिंग की हालत वहां रहने वाले या वहां से गुजरने वाले लोगों के साथ-साथ आसपास के पड़ोसियों के लिए भी संभावित खतरा पैदा कर रही थी।
एमसीडी ने कहा कि एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने डीएमसी एक्ट, 1957 की धारा 348 और धारा 491 के तहत कमिश्नर की ओर से दी गई शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए गिराने का आदेश जारी किया है।
वहीं, दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार सुबह घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद कहा, “यहां (घटनास्थल) पर एक बगल की इमारत के कारण चुनौतीपूर्ण स्थिति है। बगल की इमारत भी 40-50 साल पुरानी है और उसकी हालत भी ठीक नहीं है। बचाव कार्य के साथ-साथ इमारत को मजबूत करने के लिए अस्थायी कॉलम लगाए गए हैं।”
उन्होंने कहा कि बगल वाली इमारत को निश्चित रूप से गिराया जाएगा। इसे खाली करा लिया गया है। सिरसा ने कहा कि अभी चुनौती यह है कि ढांचा अस्थिर है। हमें मलबे के नीचे की स्थिति का अभी पता नहीं है, इसलिए इसे तुरंत नहीं गिराया जा सकता। बता दें कि सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर में गिरी बहुमंजिला इमारत के मलबे में दबने से 6 लोगों की मौत हुई है। कई अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। फिलहाल, दिल्ली पुलिस और एनडीआरएस समेत अन्य टीमों का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।


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