बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा में की गई कटौती के विरोध में शनिवार को लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने एक बड़ा कदम उठाया है। लालू-राबड़ी ने अपने सरकारी आवास पर तैनात सभी सुरक्षाकर्मियों को वापस लौटा दिया है। इस पूरे घटनाक्रम पर राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव की प्रतिक्रिया सामने आई।
राजद प्रवक्ता ने सुरक्षा में की गई कटौती को घृणित और बदले की भावना से प्रेरित राजनीति करार देते हुए कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान शक्ति सिंह यादव ने कहा कि सरकार ने जानबूझकर लालू परिवार की सुरक्षा में व्यापक कटौती की है। उन्होंने कहा कि हाल ही में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को वाहन से ठोंका गया था। इसके बावजूद सुरक्षा कम करना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष को कमजोर करने और डराने का प्रयास कर रही है।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि राबड़ी देवी पूर्व मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष भी हैं, जबकि लालू प्रसाद यादव भी राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं। इसके बावजूद उनके पूरे परिवार की सुरक्षा में कटौती की गई है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर सरकार की मंशा क्या है। आप चाहते हैं कि लालू प्रसाद के पूरे परिवार को बीच चौराहे पर बुलडोज करा दें। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष विपक्ष को खत्म करने की राजनीति कर रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले आवास को लेकर विवाद खड़ा किया गया और अब सुरक्षा का मुद्दा सामने लाया गया है। जनता के जनादेश से पक्ष और विपक्ष दोनों की भूमिका तय होती है और विपक्ष को कमजोर करने का कोई भी प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। ये विपक्ष को खत्म करना चाहते हैं, विपक्ष को बुलडोज करना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जनता के जनादेश पर आप जो कुठाराघाट हमला कर रहे हैं उसे बिहार बर्दाशत नहीं करेगा।
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