February 4, 2026
National

विकसित भारत के लक्ष्य का केंद्र सामाजिक न्याय है: यूएन में भारत

Social justice is central to the goal of a developed India: India at the UN

4 फरवरी । महिला और बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने अमेरिका के न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र सामाजिक विकास आयोग (सीएसओसीडी) के 64वें संस्करण में कहा कि सामाजिक न्याय भारत के विकसित भारत लक्ष्यों का केंद्र है।

यूएन में चर्चा के दौरान सावित्री ठाकुर ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया और अधिकार-आधारित, सबको साथ लेकर चलने वाले और लोगों पर केंद्रित विकास के तरीकों पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “सामाजिक न्याय भारत के ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय दृष्टिकोण का केंद्र बना हुआ है।”

कोपेनहेगन डिक्लेरेशन ने लोगों को विकास के केंद्र में रखा था और दोहा राजनीतिक घोषणापत्र ने उभरती वैश्विक चुनौतियों के बीच इस प्रतिबद्धता को फिर से पक्का किया था। इसका जिक्र करते हुए महिला और बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि भारत की ‘सबका साथ, सबका विकास’ की गवर्नेंस फिलॉसफी सभी के लिए सम्मान, बराबरी और अवसर सुनिश्चित करने के लिए पूरी सरकार और पूरे समाज के नजरिए को दिखाती है।

भारत के बड़े पैमाने पर सामाजिक सुरक्षा और सबको साथ लेकर चलने वाले उपायों पर जोर देते हुए ठाकुर ने बताया कि 800 मिलियन से ज्यादा लोग खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के तहत आते हैं। 550 मिलियन से ज्यादा नागरिक स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र के बड़े नेटवर्क के जरिए मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा का इस्तेमाल करते हैं।

इसके अलावा 16,000 जन आरोग्य केंद्रों के जरिए सस्ती दवाएं और मेडिकल डिवाइस भी दिए जाते हैं। 1.45 मिलियन से ज्यादा चुनी हुई महिला प्रतिनिधि स्थानीय शासन में काम करती हैं, जो जमीनी स्तर पर लोकतंत्र के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दिखाता है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी बड़ी पहलें लड़कियों की पढ़ाई और वित्तीय सुरक्षा को मजबूत कर रही हैं। श्रमिक रिफॉर्म देश में बराबर सैलरी, सुरक्षित वर्कप्लेस और महिलाओं की वर्कफोर्स में हिस्सेदारी को बढ़ावा दे रहे हैं। इसके अलावा, बड़े पैमाने पर बिना किसी गारंटी के कर्ज ने लाखों महिलाओं, उद्यमियों और रेहड़ी-पटरी वालों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में आने में मदद की है।

स्माइल जैसी लक्षित योजना ट्रांसजेंडर लोगों और दूसरे कमजोर समूहों के रिहैबिलिटेशन और उन्हें शामिल करने में मदद कर रही है। ठाकुर ने कहा, “भारत के विकास का सफर डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और नागरिकों की हिस्सेदारी को जोड़ता है, इससे पारदर्शिता और लास्ट-माइल डिलीवरी पक्की होती है।”

भारत की सभ्यता की सोच ‘वसुधैव कुटुम्बकम-दुनिया एक परिवार है’ को दोहराते हुए सावित्री ठाकुर ने दुनिया भर में सामाजिक न्याय को आगे बढ़ाने के लिए वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने और अपने विकास के अनुभव को शेयर करने के लिए भारत की तैयारी जाहिर की।

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