उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के मुखिया अखिलेश यादव की बेटी पर सोशल मीडिया पर की जा रही टिप्पणी पर पार्टी प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने कड़ा विरोध किया है और चेतावनी दी है कि अगर इस तरह की टिप्पणियों पर विराम नहीं लगता तो हम भी जवाब देंगे।
सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी पर की जा रही टिप्पणियों पर कहा कि यह बेहद निंदनीय है। राजनीति सम्मानजनक तरीके से की जानी चाहिए क्योंकि अगर आप निचले स्तर पर जाकर राजनीति करेंगे तो समाजवादी भी वार करेंगे और आप खुद को बचा भी नहीं पाएंगे।
उन्होंने कहा कि हम किसी के परिवार पर उंगली नहीं उठाते और न ही हमें यह सब सिखाया गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सपा के लोग जवाब देना नहीं जानते हैं। सड़क से लेकर सदन तक इसका विरोध भी कर सकते हैं, लेकिन इस तरह की गंदी राजनीति में हम शामिल नहीं होना चाहते हैं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अब ऐसा हुआ तो जवाब के लिए तैयार रहना, फिर मत कहना कि हमारे ऊपर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं।
वहीं इस मामले को लेकर यूपी सरकार में मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि अगर इस मामले की गंभीरता से जांच हो जाए तो इसमें सपा के कार्यकर्ता ही निकलेंगे। जल्द ही इसे भी उजागर कर दिया जाएगा। इस तरह की अभद्र टिप्पणी की हम निंदा करते हैं और ऐसे करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
ओपी राजभर ने कहा कि राजनीति में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी की बहन-बेटी के लिए इस तरह की बातचीत का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने से खड़े हुए विवाद पर सपा नेता आशुतोष वर्मा ने कहा कि कांग्रेस को भी कुछ जिम्मेदारी लेनी होगी। अगर भाजपा जैसी पार्टियों से लड़ रहे हैं और फॉर्म में जरूरी चीजें नहीं भर रहे हैं तो यह गलती आपकी ही है। आपको पहले से पता था कि चुनाव आयोग भी आपके साथ नहीं खड़ा है तो आपको और सतर्क रहना चाहिए था।
उन्होंने नीति आयोग की बैठक पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इस बैठक की न तो कोई नीति है और न ही नीयत है। अर्थव्यवस्था की हालत के लिए नीति आयोग ही जिम्मेदार है। इनकी नीतियों के कारण रुपये की कीमत गिरती जा रही है, पड़ोसी के साथ देश के रिश्ते ठीक नहीं हैं, महंगाई कंट्रोल में नहीं है।

