September 15, 2026
National

शिवपाल का अपमान और मुलायम के संघर्ष को भुला रही सपा, अखिलेश पर परिवार का भरोसा नहीं: नंद किशोर गुर्जर

SP is forgetting Shivpal’s humiliation and Mulayam’s struggles; the family has no faith in Akhilesh: Nand Kishore Gurjar.

भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। लोहिया ट्रस्ट में शिवपाल सिंह यादव की जगह अखिलेश यादव को अध्यक्ष बनाए जाने पर उन्होंने इसे शिवपाल का बड़ा अपमान बताया। साथ ही, उन्होंने सपा की चुनावी रणनीति, डुप्लीकेट वोटर के आरोप, जयंत चौधरी के बयान, यूसीसी और लोनी में एक मामले में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।

लोहिया ट्रस्ट की अध्यक्षता अखिलेश यादव को मिलने पर नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि शिवपाल सिंह यादव ने मुलायम सिंह यादव के संघर्ष और समाजवादी पार्टी को खड़ा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने शिवपाल को मुलायम सिंह यादव का लंबे समय तक साथ देने वाला नेता बताते हुए कहा कि उनके साथ हुआ व्यवहार सपा के भीतर बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत है।

गुर्जर ने कहा कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी कमजोर हो रही है। उन्होंने शिवपाल सिंह यादव को भाजपा में आने या अलग राजनीतिक दल बनाने का सुझाव भी दिया। शिवपाल के साथ यादव समाज और मुलायम सिंह यादव के समर्थकों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट के अध्यक्ष भी अखिलेश यादव होने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब लोहिया ट्रस्ट की जिम्मेदारी भी उनके पास आ गई है। गुर्जर ने सवाल उठाया कि अखिलेश यादव अपने परिवार के नेताओं पर भरोसा क्यों नहीं कर रहे हैं।

इटावा विधानसभा क्षेत्र के 458 पोलिंग स्टेशनों पर तीन हजार से अधिक कथित डुप्लीकेट मतदाताओं को लेकर सपा द्वारा जांच की मांग पर गुर्जर ने कहा कि मतदाता सूची को सही और पारदर्शी रखना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन डुप्लीकेट मतदाताओं की बात सपा कर रही है, वे उसके ही राजनीतिक आधार से जुड़े हो सकते हैं।

उन्होंने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान उनकी विधानसभा में बड़ी संख्या में ऐसे मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिन्हें उन्होंने बाहरी या अवैध रूप से जुड़े मतदाताओं के रूप में बताया। उन्होंसपा पर चुनाव से पहले मतदाता सूची और चुनावी मशीनों को लेकर सवाल खड़े करने की रणनीति अपनाने का आरोप लगाया।

सपा द्वारा आगामी चुनाव में लंबी दूरी की रथ यात्रा के बजाय विधानसभा स्तर पर प्रचार अभियान चलाने के फैसले पर भाजपा विधायक ने कहा कि यह पार्टी की कमजोर होती स्थिति का संकेत है। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा को बहुत कम सीटें मिलेंगी। विधानसभा चुनाव में जनता विकास, कानून-व्यवस्था और शासन के आधार पर फैसला करेगी।

जयंत चौधरी के उस बयान पर कि सपा के साथ गठबंधन के दौरान बंद कमरों में हुई बातों को सार्वजनिक करने पर अखिलेश यादव के लिए प्रदेश में राजनीतिक जमीन नहीं बचेगी, गुर्जर ने कहा कि जयंत चौधरी गंभीर और पढ़े-लिखे नेता हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव और सपा नेताओं की ओर से विभिन्न सामाजिक समूहों के नेताओं और समुदायों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं। जयंत चौधरी के खिलाफ किसी भी तरह की राजनीतिक टिप्पणी का किसान, मजदूर और युवा विरोध करेंगे। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपने पुराने सहयोगियों का सम्मान नहीं करने का आरोप भी लगाया।

लोनी से जुड़े एक मामले में प्रशासन द्वारा कार्रवाई और आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई पर गुर्जर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना की। उन्होंने कहा कि उन्होंने कथित यौन उत्पीड़न से प्रभावित परिवारों के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात की और परिवारों को सरकार की ओर से कार्रवाई का भरोसा मिला। गुर्जर ने कहा कि प्रशासन ने कार्रवाई की है। सीएम योगी को धन्यवाद देते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए कठोर कार्रवाई आवश्यक है।

असदुद्दीन ओवैसी की ओर से यूसीसी को लेकर भाजपा पर लगाए गए आरोपों पर गुर्जर ने कहा कि देश संविधान और कानून के आधार पर चलेगा। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ना है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में लिए गए विभिन्न फैसलों का उल्लेख करते हुए यूसीसी का समर्थन किया। गुर्जर ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में इस दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं और उत्तर प्रदेश में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने इस विषय पर अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है।

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