संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की कार्यवाही के दौरान सांसदों ने अलग-अलग मुद्दों को उठाया। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए वह बयानबाजी करते हैं।
सांसद डिंपल यादव ने कहा, “पूरा उत्तर प्रदेश शासन केवल मूकदर्शक बना हुआ है, कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है, कोई योजना नहीं बना रहा है या मौजूदा स्थिति को सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है। कहीं न कहीं, यह भारतीय जनता पार्टी के लिए पुराने मुद्दों को उठाने और वास्तविक मामलों से ध्यान हटाने की एक रणनीति बन गई है। अगर आप पिछले 8 सालों में उत्तर प्रदेश में हुए विकास कार्यों को देखेंगे तो आपको मौजूदा हालात का अंदाजा हो जाएगा। पुरानी कब्र खोदना भाजपा की नीति बन गई है। वे (बीजेपी नेता) महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा सुविधाओं और अन्य वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए इस तरह के बयान देते हैं।”
सपा सांसद आनंद भदौरिया ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने पिछले आठ सालों में रोजगार के बारे में कोई जवाब नहीं दिया है। किसानों की समस्या, प्रदेश की सड़कों समेत कई मुद्दों पर उन्होंने कोई बयान नहीं दिया है। वह (सीएम योगी) कोई नई योजना लेकर नहीं आए हैं, और केंद्र की योजनाओं का ही वे ढिंढोरा पीटते रहते हैं। उनका प्रिय विषय हिंदू-मुसलमान है, इसलिए वे उसकी माला जपते रहते हैं।”
छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल के आवास पर सीबीआई की छापेमारी को लेकर बीजेपी के राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, “अगर वे लोकप्रिय होते तो चुनाव क्यों हारते? मैं बता देता हूं कि भ्रष्टाचार करने वालों के यहां छापेमारी होती है।”
समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन ने सीएम योगी के बयान पर कहा, “मैं किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहता। हालांकि, अगर वे (सीएम योगी) अतीत के ऐतिहासिक मुद्दों को उठाते रहेंगे, तो विपक्ष भी जवाब देने के लिए मजबूर हो जाएगा। हम प्रेम और सद्भाव में विश्वास रखने वाले लोग हैं। हमारा इरादा कभी किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था।”