पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गुरुवार को बाढ़ प्रभावित जिलों के उपायुक्तों से राहत एवं बचाव कार्य तेज करने को कहा। यह आदेश तब आया जब मान ने कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ के साथ यहां ब्यास क्षेत्र का दौरा किया।
उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को पर्याप्त मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए जल स्तर कम होते ही विशेष गिरदावरी (फसल क्षति आकलन) कराई जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार बाढ़ से हुए नुकसान की एक-एक पाई की भरपाई करेगी। स्थिति को “अभूतपूर्व” बताते हुए, उन्होंने लोगों को अपनी सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया और कहा कि बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है।
बयान में कहा गया है कि उन्होंने बाढ़ प्रभावित जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि वे लोगों को निकालने के लिए अपने पास उपलब्ध सभी संसाधन जुटाएं।
सुखबीर ने पर्याप्त राहत न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी
अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर बादल ने धमकी दी कि अगर आप सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों को उचित मुआवज़ा नहीं देती है तो वे आंदोलन शुरू कर देंगे। उन्होंने सरकार पर समय पर नदी तटबंधों को मज़बूत करने में विफल रहने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हरियाणा और राजस्थान, जो नदी जल में अतिरिक्त हिस्सेदारी की मांग कर रहे थे, “पंजाब की भलाई के बारे में पूछने तक में नाकाम रहे।”