मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखु ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार शहरी केंद्रों में भीड़भाड़ कम करने, संस्थागत बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और स्थायी राजस्व उत्पन्न करने के लिए विश्व स्तरीय वाणिज्यिक और आर्थिक केंद्र विकसित कर रही है।
यहां शहरी विकास विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य भर में आधुनिक वाणिज्यिक स्थान, स्मार्ट पार्किंग सुविधाएं और हरित-नीले सार्वजनिक क्षेत्र बना रही है। उन्होंने विभाग को शिमला में सब्जी मंडी केंद्रीय व्यापार जिला (सीबीडी) परियोजना और हमीरपुर में प्रस्तावित सिटी सेंटर परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने का निर्देश दिया।
सुखु ने बताया कि शिमला सब्जी मंडी परियोजना पर 330 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसे दो चरणों में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले चरण में 210 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें से 160 करोड़ रुपये शिमला नगर निगम (एमसी) और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने एसएमसी को निर्देश दिया कि 21 मई तक 53 आवासों, छह शेडों, एसजेपीएनएल कार्यालय, पार्षद कार्यालय, खाद्य सुरक्षा कार्यालय और पांच दुकानों को खाली कराया जाए, ताकि जुलाई में विध्वंस कार्य शुरू हो सके। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया अगस्त 2026 तक पूरी कर ली जाए।
हमीरपुर में प्रस्तावित 140 करोड़ रुपये की सिटी सेंटर परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए, सुखु ने कहा कि पुरानी बस स्टैंड को ध्वस्त करने के बाद यह परियोजना शुरू होगी, क्योंकि नई बस स्टैंड का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए 80 करोड़ रुपये पहले ही स्वीकृत हो चुके हैं, जबकि शेष राशि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से जुटाई जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भी तैयार हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (एचआरटीसी) द्वारा कब्जेदारो को परिसर खाली करने के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे। उन्होंने पीडब्ल्यूडी को निर्देश दिया कि साइट की मंजूरी के बाद एक महीने के भीतर निविदा प्रक्रिया पूरी की जाए। बैठक में लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


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