May 11, 2026
National

संभल के स्कूल में मजहबी उन्माद फैलाने के आरोप में प्रधानाध्यापक समेत तीन शिक्षक निलंबित

The headmaster and three teachers have been suspended for allegedly inciting religious frenzy at a school in Sambhal.

11 मई । उत्तर प्रदेश के संभल के जालम सराय स्थित पीएमश्री विद्यालय में धार्मिक गतिविधि और मजहबी उन्माद फैलाने के आरोप में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। इसके साथ ही विद्यालय के प्रधानाध्यापक मोहम्मद अंजार अहमद, प्रभारी प्रधानाध्यापक वालेश कुमार और सहायक अध्यापक मोहम्मद गुल एजाज को स्कूल में धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के मामले में निलंबित कर दिया गया है। बीएसए अलका शर्मा ने इससे संबंधित निर्देश जारी कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, डीएम अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर प्रधानाध्यापक मोहम्मद अंजार अहमद और सहायक अध्यापक मोहम्मद गुल एजाज को निलंबित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।

एएसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि थाना नखासा क्षेत्र के पीएम श्री विद्यालय जालम सराय में हुई घटना के संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा थाना संभल और थाना नखासा में तहरीर दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक पर धार्मिक गतिविधियों में लिप्त रहने के आरोप लगाए गए हैं। तहरीर के आधार पर बीएनएस की धारा 353(2) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पुलिस के अनुसार फिलहाल दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और जांच के दौरान साक्ष्यों की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपी शिक्षकों में एक प्रधानाध्यापक और दूसरा सहायक अध्यापक के पद पर तैनात है।

बता दें कि 7 मई को संभल के जालम सराय गांव स्थित पीएमश्री विद्यालय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसकी जांच के लिए संभल के खंड शिक्षा अधिकारी अंशुल कुमार 8 मई को विद्यालय पहुंचे थे। वायरल वीडियो को लेकर बच्चों से जानकारी की गई तो बच्चों ने बताया कि दोनों मुस्लिम शिक्षक स्कूल में मजहबी क्रियाकलापों को बढ़ावा दे रहे हैं। हिंदू छात्रों को टोपी पहनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है और छात्राओं को हिजाब पहनने के लिए कहा जाता है। सजदा करना भी सिखाया जा रहा है।

बच्चों के बयान दर्ज करने के बाद रिपोर्ट बीएसए को भेजी गई। इसी क्रम में रविवार को निलंबन की कार्रवाई की गई है। प्रभारी प्रधानाध्यापक वालेश कुमार पर आरोप है कि उन्होंने उच्च अधिकारियों को सूचना नहीं दी और अपने कर्तव्यों का निवर्हन नहीं किया, इसके चलते उनको निलंबित किया गया है।

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